पहली VC में शुभरंजन सेन ने पलटे अंबाड़े के फरमान

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश के नवागत वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने पदभार संभालने के बाद आयोजित पहली वीडियो कॉन्फ्रेंस में पूर्व वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े द्वारा जारी निर्देशों में संशोधन करते हुए वीसी की आवृत्ति कम करने की घोषणा की। सेन ने स्पष्ट किया कि अब महीने में केवल एक अथवा दो वीडियो कॉन्फ्रेंस होंगी और वह भी सभी शाखा प्रमुखों की संयुक्त बैठक के रूप में आयोजित की जाएंगी।

फील्ड अधिकारियों के साथ संवाद में सेन ने कहा कि अनावश्यक बैठकों के बजाय मैदानी कार्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि वन मंडलों में नियमित गश्त, बीट निरीक्षण और अग्नि प्रबंधन की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

ज्ञात हो कि पूर्व वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को अनिवार्य वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के निर्देश जारी किए थे। बाद में विभिन्न शाखाओं द्वारा अलग-अलग बैठकों के कारण सप्ताह में कई दिन अधिकारियों को मुख्यालय से जुड़ा रहना पड़ता था। फील्ड अधिकारियों का कहना था कि बार-बार वीसी के कारण मैदानी निरीक्षण और वन प्रबंधन कार्य प्रभावित हो रहे थे।

नवीन व्यवस्था से डीएफओ और सीएफ स्तर के अधिकारियों ने राहत महसूस की है। उनका कहना है कि सीमित और समेकित बैठक व्यवस्था से समय की बचत होगी तथा वन संरक्षण से जुड़े कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। सेन ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य की समीक्षा परिणाम आधारित होगी और फील्ड रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।


फील्ड वर्क को प्राथमिकता

नवागत वन बल प्रमुख ने स्पष्ट किया कि वन अधिकारियों का मुख्य दायित्व मैदानी निरीक्षण और संरक्षण कार्य है। सीमित वीडियो कॉन्फ्रेंस व्यवस्था से अधिकारियों को नियमित गश्त, बीट निरीक्षण और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिक समय मिलेगा। गर्मी के मौसम में वनाग्नि नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

पुरानी व्यवस्था से असंतोष

पूर्व व्यवस्था में सप्ताह में दो दिन अनिवार्य वीसी के अलावा शाखा स्तर पर अलग बैठकों के कारण कई बार चार दिन तक अधिकारी मुख्यालय से जुड़े रहते थे। इससे फील्ड गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। नई व्यवस्था को अधिकारियों ने व्यावहारिक और संतुलित कदम बताया है।