बाघों की बेहतर साइटिंग और प्राकृतिक सौंदर्य से देश-दुनिया के पर्यटकों को लुभा रहा पन्ना टाइगर रिजर्व
गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व लगातार वन्य पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद यहां पर्यटकों की भारी भीड़ पहुंच रही है। देशी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती पर्यटक संख्या के चलते टाइगर रिजर्व की आय में भी रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक बेहतर वन्यजीव प्रबंधन, लगातार बाघों की साइटिंग और प्राकृतिक सौंदर्य ने पन्ना टाइगर रिजर्व को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कर दिया है।
फील्ड डायरेक्टर ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव के निर्देशन और डिप्टी डायरेक्टर वीरेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में पन्ना टाइगर रिजर्व वन्यजीव पर्यटन के मानचित्र पर तेजी से पहचान बना रहा है। वर्ष 2021-22 में यहां आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 1 लाख 73 हजार 982 थी। इसके बाद वर्ष 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार 234 पहुंच गई। वर्ष 2023-24 में 2 लाख 21 हजार 505 भारतीय पर्यटक पहुंचे, जबकि वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 2 लाख 60 हजार 570 तक पहुंच गया।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ टाइगर रिजर्व की आय में भी बड़ा उछाल आया है। वर्ष 2021-22 में जहां आय 3 करोड़ 44 लाख 90 हजार 945 रुपए थी, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 6 करोड़ 92 लाख 81 हजार 587 रुपए तक पहुंच गई। अधिकारियों के अनुसार रिजर्व में वर्तमान में शावकों सहित 100 से अधिक बाघ मौजूद हैं और लगातार अच्छी साइटिंग के कारण पर्यटकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
विदेशी पर्यटकों के बीच बढ़ा पन्ना का आकर्षण
पन्ना टाइगर रिजर्व का प्राकृतिक सौंदर्य अब विदेशी पर्यटकों को भी तेजी से आकर्षित कर रहा है। वर्ष 2021-22 में जहां केवल 522 विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2024-25 में उनकी संख्या बढ़कर 15 हजार 300 तक पहुंच गई। केन नदी का प्राकृतिक सौंदर्य, जंगल का शांत वातावरण और वन्यजीवों की मौजूदगी विदेशी सैलानियों को विशेष रूप से लुभा रही है।

बाघों की साइटिंग बनी सबसे बड़ी ताकत
टाइगर रिजर्व में इन दिनों शावकों सहित 100 से अधिक बाघ मौजूद हैं। बेहतर वन प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था के कारण पर्यटकों को लगभग हर दिन बाघों की साइटिंग हो रही है। इस पर्यटन सीजन में एक दर्जन से अधिक शावक आकर्षण का केंद्र बने रहे। लगातार बेहतर साइटिंग के कारण पन्ना देश के प्रमुख टाइगर पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है।
आय में पांच साल में दोगुना उछाल
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर पन्ना टाइगर रिजर्व की आय पर भी पड़ा है। पांच साल पहले वर्ष 2021-22 में रिजर्व की आय 3 करोड़ 44 लाख रुपए से अधिक थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर करीब 7 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर सुविधाओं और पर्यटन प्रबंधन के कारण यह वृद्धि लगातार जारी है।

स्थानीय लोगों को भी मिल रहा रोजगार
उप संचालक वीरेन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि देशी और विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं। होटल, गाइड, वाहन संचालन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है।
