अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 35 वन अधिकारियों को किया सम्मानित, चीतों के संरक्षण और बाघ तस्करों की गिरफ्त में रही अहम भूमिका
गणेश पाण्डेय, भोपाल। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित समारोह में 35 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए।
सम्मानित व्यक्तियों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक प्रकाश वर्मा और भोपाल वन मंडल के एसडीओ धीरज सिंह चौहान को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया। दोनों अधिकारियों को यह सम्मान पूर्व पदस्थापना के दौरान किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।
चीतों के संरक्षण में वर्मा का योगदान

डॉ. मोहन यादव ने समारोह में उप संचालक प्रकाश वर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने साउथ अफ्रीका से लाए गए चीतों के कुशल प्रबंधन, संवर्धन और संरक्षण में अहम भूमिका निभाई। भारत में चीतों को पुनर्स्थापित करना एक जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे वर्मा ने सूझबूझ और शांतचित्तता से संपन्न किया। उनके प्रयासों से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चीतों के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर को सजा दिलवाने में चौहान की भूमिका

धीरज सिंह चौहान, जो वर्तमान में भोपाल वन मंडल के एसडीओ हैं, पूर्व में एसआईटी (अपराध अन्वेषण दल) का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से न केवल तस्कर को सजा दिलाई गई, बल्कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का संदेश भी गया।
