इंदौर और देवास में सस्ती, धार में 40% तक महंगी खरीदी; लाखों का नुकसान, अफसरों पर सवाल
गणेश पाण्डेय, भोपाल। धार वन मंडल में सामग्रियों की खरीदी के लिए जारी टेंडर में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। वायरबेड, चैन लिंक, सोलर और बायोमास चूल्हा जैसी पांच सामग्रियों की सप्लाई का ठेका एक सीनियर अफसर की ‘चहेती’ फर्म को दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, यही फर्म इंदौर और देवास में भी सप्लाई कर रही है, लेकिन वहां के दाम धार की तुलना में 23% से 40% कम हैं। उदाहरण के लिए, धार में वायरबेड वायर की कीमत ₹90+ प्रति यूनिट रखी गई, जबकि इंदौर-देवास में यही ₹70-₹72 में मिल रही है।

कीमत में भारी अंतर
- बायोमास स्टोव: मार्केट कीमत ₹1900, धार में खरीदी ₹2300+
- वायरबेड वायर: इंदौर-देवास ₹70-₹72, धार में ₹90+
- कुल अतिरिक्त भार: सिर्फ स्टोव में ₹7.5 लाख तक का नुकसान

“अब तक जांच शुरू नहीं हुई है, जबकि शिकायत शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।”
शिकायत और कार्रवाई
स्थानीय व्यापारी हितेंद्र भावसार ने यह शिकायत अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, तत्कालीन वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएफ विकास और पीसीसीएफ विजिलेंस को दी थी। अपर मुख्य सचिव ने मौखिक जांच निर्देश दिए, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
तबादला और नई तैनाती
विवाद के बीच धार डीएफओ अशोक सोलंकी को हटा दिया गया और उनकी जगह विजयानंथम को पोस्ट किया गया है। विजयानंथम का कहना है कि सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
तथ्य-जांच (Fact-Check)
| बिंदु | स्थिति |
|---|---|
| टेंडर में गड़बड़ी | शिकायत दर्ज, जांच लंबित |
| कीमत में अंतर | 23%–40% अधिक |
| विभागीय कार्रवाई | तबादला, जांच नहीं |
| नुकसान का अनुमान | ₹7.5 लाख से अधिक |
