पार्क प्रबंधन ने राज्य शासन को भेजी रिपोर्ट, सुरक्षा बढ़ाने और खाली पद भरने की मांग
गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में नक्सलियों की गतिविधियों में अचानक तेजी आई है। बालाघाट क्षेत्र में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के चलते अब नक्सली मंडला जिले के जंगलों की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। पार्क प्रबंधन के अनुसार कान्हा की सातों रेंजों में नक्सली मूवमेंट स्पष्ट रूप से देखा गया है, जिससे वन विभाग के कर्मचारियों में भारी भय का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार नक्सली अब वन कर्मियों के साथ मारपीट और प्रताड़ना की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इससे न सिर्फ उनके मनोबल पर असर पड़ा है, बल्कि रात्रिकालीन गश्त जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हुए हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इसी बीच पुलिस बल ने दो वनकर्मियों को कथित रूप से नक्सलियों से संबंध रखने के आरोप में हिरासत में ले लिया, जिससे वन अमले में रोष और असंतोष व्याप्त है।

पार्क प्रबंधन ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी राज्य शासन, अतिरिक्त मुख्य सचिव, विभाग प्रमुख और मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को पत्र के माध्यम से दी है। पत्र में आग्रह किया गया है कि बढ़ती नक्सली चुनौतियों को देखते हुए कान्हा में खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए और सुरक्षात्मक उपायों को मजबूत किया जाए।
सूचना के अनुसार कान्हा के जंगलों में इस समय 30 से 40 नक्सलियों के होने की पुष्टि हुई है। पिछले वर्ष मार्च में इसी क्षेत्र में पुलिस बल और हॉकफोर्स के साथ मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था, जबकि कुछ को गिरफ्तार भी किया गया था। हालाँकि इस बार अब तक कोई बड़ी हिंसक वारदात नहीं हुई है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की सतर्कता अनिवार्य हो गई है।
