चंद्रकेतु मिश्रा, प्रयागराज। गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही मंगलवार को प्रयागराज स्थित बंधवा के प्रसिद्ध लेटे हनुमान जी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। 5वी बार ग्यारह दिनों तक मंदिर गंगा के पानी में डूबा रहा, जिससे भक्त दर्शन नहीं कर पा रहे थे। जैसे ही जलस्तर पीछे हटा, मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने मिलकर परिसर की साफ-सफाई कराई और विधि-विधान के साथ भगवान के दर्शन पुनः प्रारंभ किए।
मंदिर खुलते ही उमड़ी भीड़
मंगलवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर पहुंचने लगी। पंचामृत से अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया और लगभग ढाई क्विंटल फलों का भोग अर्पित किया गया। भक्तों ने जयकारों के बीच हनुमान जी के दर्शन किए और गंगा आरती व सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
प्रशासन ने की व्यवस्था
नगर निगम ने जलस्तर घटने के बाद मंदिर परिसर और आसपास जमी गाद हटाई। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की।

हर साल जलमग्न होता है मंदिर
बरसात और बाढ़ के मौसम में हर साल यह मंदिर गंगा की धारा में समा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जब गंगा का जल लेटे हनुमान जी के चरणों को स्पर्श करता है, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है और आने वाले समय में आपदाओं से रक्षा होती है।
ऐतिहासिक महत्व
लेटे हनुमान जी मंदिर प्रयागराज का अद्वितीय धार्मिक स्थल है। यहां भगवान हनुमान शयन मुद्रा में विराजमान हैं, जो भारत में कहीं और देखने को नहीं मिलता। कुंभ और माघ मेला के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
