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नई दिल्ली

 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। न्यायालय ने उनकी मां की सर्जरी के आधार पर यह जमानत दी है। हाईकोर्ट ने 1 जून को सुबह 7 बजे से 3 जून को शाम 5 बजे तक 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है।

खालिद को एनसीआर में ही रहने, घर पर रहने और केवल अस्पताल जाने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने गौर किया कि खालिद को पहले भी पारिवारिक समारोहों के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी और उन्होंने सभी शर्तों का पालन किया था।

अदालत ने यह देखते हुए कि वह इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक हैं, उनकी मां की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए सीमित अंतरिम राहत दी है।

कौन है उमर खालिद?
उमर खालिद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र और पॉलिटिकल एक्टिविस्ट रह चुके हैं, साल 2016 के जेएनयू नारेबाजी विवाद और 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों के कारण चर्चा में रह चुके हैं।
दरअसल, 2016 में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत विरोधी नारेबाजी के आरोप में उनपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं, सितंबर 2020 में, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उन्हें 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक के रूप में गिरफ्तार किया था।

इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने याचिका कर दी थी खारिज
बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने इससे पहले बीते 19 मई को उमर खालिद की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पाइस ने उमर खालिद के पक्ष में कहा कि उन्हें पहले भी अपनी बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत दी जा चुकी है, इस बार मां की बीमारी का मामला है, उन्हें जमानत दे दी जानी चाहिए। वहीं, दिल्ली पुलिस के वकील ने इस जमानत का विरोध करते हुए कहा कि खालिद की मां की सर्जरी छोटी है और उनका ख्याल रखने के लिए उनकी बहनें भी हैं

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