Bihar News 02 2 13.jpg

रांची.

राज्य सरकार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा कक्षा तीन से आठ के लिए तैयार शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण विषय पर तैयार नई पाठ्यपुस्तकों को लागू कर सकती है। हाल ही में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) की बैठक में इस पर चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की अनुशंसा के अनुरूप एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाए या झारखंड के लिए राज्य स्तर पर नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की जाएं। इस पर सचिव ने जेसीईआरटी को एनसीईआरटी द्वारा तैयार पुस्तकों की समीक्षा कर एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उसपर अंतिम निर्णय लिया जा सके। कक्षा नौ से 12वीं के लिए भी तय हुआ कि एनसीईआरटी द्वारा तैयार की जानेवाली पुस्तकों की समीक्षा के बाद ही उस पर निर्णय लिया जाएगा।

दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में स्कूलों में शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण (फिजिकल एजुकेशन एंड वेल-बीईंग) की पढ़ाई पर जोर दिया गया है। एनसीईआरटी द्वारा तैयार पाठ्य-पुस्तकों में फिजिकल फिटनेस, खेल, स्वास्थ्य जागरुकता, इमोशनल बैलेंस, टीम स्पिरिट और ज़िम्मेदार लाइफ स्टाइल के ज़रिए बच्चों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। बताते चलें कि राज्य के सरकारी स्कूलों में जेसीईआरटी द्वारा कक्षा एक से आठ तक के लिए तैयार पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं। नौवीं से 12वीं कक्षाओं के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं। राज्य सरकार एनसीईआरटी से कापी राइट लेकर पुस्तकों का प्रकाशन कराती है। राज्य में अभी तक शारीरिक शिक्षा के लिए अपनी पुस्तकें तैयार नहीं की गई हैं। यदि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग एनसीईआरटी की शारीरिक शिक्षा की पुस्तकों को लागूनहीं कर स्वयं पुस्तकें तैयार करने का निर्णय लिया जाता है तो इसकी जिम्मेदारी जेसीईआरटी को दी जाएगी।

Admin

By Admin