रांची
झारखंड हाई कोर्ट द्वारा चार प्रतियोगिता परीक्षाओं के माध्यम से हुई नियुक्ति को रद करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद अब उन अभ्यर्थियों की निगाहें कोर्ट के निर्णय पर लगी हैं, जो रद अन्य 18 प्रतियाेगिता परीक्षाओं से जुड़े हैं।
ये सभी परीक्षाएं अलग-अलग स्तर पर लंबित हैं तथा इनमें अभी तक नियुक्ति नहीं हुई थी। चूंकि इन परीक्षाओं की प्रक्रिया लगभग दो वर्षों से चल रही थी, इसलिए संबंधित अभ्यर्थी चाहते हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़े।
हालांकि सीआईडी जांच में इन परीक्षाओं में या तो गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं या फिर इन परीक्षाओं से टीडीपीएल एजेंसी संबद्ध रही है। राज्य सरकार ने इन आधारों पर ही इन परीक्षाओं को रद किया है। फिलहाल इस मामले में हाई कोर्ट में 24 अगस्त को सुनवाई होनी है।हाई कोर्ट में वन क्षेत्र पदाधिकारी तथा सहायक वन संरक्षक नियुक्ति परीक्षा रद करने को चुनौती दी गई है, लेकिन कोर्ट में अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं से संबंधित याचिकाओं को भी इन याचिकाओं से संबद्ध करने को कहा है। राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग की जिन 18 प्रतियोगिता परीक्षाओं को बीच में ही रद किया है, उनमें 1,227 पदों पर नियुक्ति होनी है।
इन परीक्षाओं में सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक आफिसर बैकलाग नियुक्ति, सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक आफिसर नियमित नियुक्ति, इंजीनियरिंग कालेजाें में सहायक प्राध्यापक बैकलाग नियुक्ति, मेडिकल कालेजों में स्पेशियलिटी सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए अभी आवेदन ही मंगाए गए थे।
वहीं, 14वीं सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा, संयुक्त सिविल सेवा बैकलाग परीक्षा-2023 व 2025, सिविल जज जूनियर डिविजन नियुक्ति,सहायक वन संरक्षक नियुक्ति, वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति, सहायक लोक अभियोजक नियमित नियुक्ति तथा सहायक लोक अभियोजक बैकलाग नियुक्ति की मुख्य परीक्षा होनी थी।
