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 मऊगंज

 मऊगंज जिले में अवैध खनन पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. खनन माफियाओं (Mining Mafias) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है. कलेक्टर संजय कुमार जैन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के तहत एक क्रेशर संचालक पर 10 करोड़ 8 लाख एक हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है. यह जुर्माना मऊगंज तहसील के हर्रहा क्षेत्र में तय सीमा से बाहर खनन करने और बांध क्षेत्र के नजदीक अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर लगाया गया है.
क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के नेबुहा गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह द्वारा संचालित क्रेशर यूनिट पर आरोप था कि उसने खसरा नंबर 7/1 के उस हिस्से में खनन किया जो स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर आता है. यही नहीं, खनन स्थल बांध के नजदीक होने से जल संरचना और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था.

जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के नेबुहा गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह द्वारा संचालित क्रेशर यूनिट पर आरोप था कि उसने खसरा नंबर 7/1 के उस हिस्से में खनन किया जो स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर आता है। यही नहीं, खनन स्थल बांध के नजदीक होने से जल संरचना और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम से जांच करवाई। जांच में अवैध खनन की पुष्टि होते ही कलेक्टर ने दोषी क्रेशर संचालक पर 10 करोड़ से अधिक का जुर्माना ठोकते हुए 15 दिन के भीतर राशि जमा कराने का निर्देश दिया है।

कलेक्टर जैन ने स्पष्ट कहा कि मऊगंज जिला प्रशासन पर्यावरण और सरकारी नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक मिसाल है, उन्होंने भविष्य में अवैध खनन करने वालों को चेतावनी है कि अब ऐसे अपराधों पर कड़ी सजा दी जाएगी।

जांच में हुआ खुलासा

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम से जांच करवाई. जांच में अवैध खनन की पुष्टि होते ही कलेक्टर ने दोषी क्रेशर संचालक पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना ठोकते हुए 15 दिन के अंदर राशि जमा कराने का निर्देश दिया है.

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