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 नई दिल्ली
 बाहरी दिल्ली में एक साथ पकड़े गए 43 अवैध बांग्लादेशियों से पुलिस ने विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान पता चला है कि ये सभी लगभग 8 साल पहले बॉर्डर क्रॉस कर बांग्लादेश से भारत में आए थे। उसके बाद वहां से मेवात रीजन में पहुंचे। फिर पलवल और उसके आसपास रहकर काम करने लगे। उम्र में बड़े लोग लेबर के रूप में ईंट के भट्ठे पर काम करते थे।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि अवैध बांग्लादेशियों को लेकर जब सरकार ने सख्ती बढ़ाई तो वो दिल्ली होते हुए पंजाब भागने की फिराक में थे। सभी लोग पलवल से बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में पहुंच गए और यहां रुककर मौके की तलाश करने लगे। लेकिन, बाहरी जिले के फॉरनर सेल की टीम ने इनके बारे में पता लगा लिया।

सभी को ट्रेस कर पकड़ लिया

डीसीपी आउटर सचिन शर्मा ने बताया कि एसीपी ऑपरेशन नरेंद्र खत्री की देखरेख में इंस्पेक्टर सुंदर सिंह के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार, सहायक सब इंस्पेक्टर गुरदयाल, हेड कांस्टेबल आशीष, उम्मेद, कांस्टेबल रोहित, समर और लेडी कांस्टेबल रेणु की टीम ने सभी को ट्रेस कर पकड़ लिया। जांच में सभी बांग्लादेश के रहने वाले निकले।
बांग्लादेश में किया जाएगा डिपोर्ट

कानूनी करवाई पूरा करने के बाद सभी को बक्करवाला के डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया। आगे फिर FRRO द्वारा इनको बांग्लादेश में डिपोर्ट किया जाएगा। पकड़े गए 43 लोगों में 13 महिला, 13 पुरुष और 17 बच्चे और बच्चियां शामिल हैं। इन सबकी पहचान कर ली गई है और डॉक्यूमेंट्स का भी वेरिफिकेशन किया जा चुका है।
एक महीने में पकड़े गए 150 बांग्लादेशी

डीसीपी ने बताया कि बाहरी जिले का फॉरनर सेल अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और नाइजीरियन इत्यादि के बारे में पता लगाकर उनके खिलाफ कारवाई कर रहा है। मई महीने में 150 बांग्लादेशियों को पहचान कर डिटेंशन सेंटर भेजा जा चुका है। कारवाई जारी है।

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