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नई दिल्ली

पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है. लाल किला कार ब्लास्ट और कुख्यात ‘व्हाइट कॉलर टेररिज़्म मॉड्यूल’ के सभी आरोपियों की NIA रिमांड को कोर्ट ने 10 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है. एनआईए टीम सभी संदिग्धों को कोर्ट से अपने साथ ले गई, जहां पूरे मॉड्यूल की फंडिंग, प्लानिंग और विदेशी लिंक की जांच तेज की जाएगी. प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना की अदालत ने डॉ. मुजम्मिल गनी, अदील राथर, शाहिना सईद, मौलवी इरफान अहमद वागे सहित सातों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया. इन सभी को पहले भी 10 दिन की रिमांड पर भेजा गया था. NIA अब इस मॉड्यूल की ‘व्हाइट कॉलर’ रणनीति, हाई-एंड नेटवर्क और स्लीपर सेल कनेक्शनों की तह तक जाने की तैयारी में है.

कौन हैं ये चारों आरोपी?

चारों आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल शकील गनई (पुलवामा, जम्मू और कश्मीर), डॉ. आदिल अहमद राथर (अनंतनाग, जम्मू और कश्मीर), डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) और मुफ्ती इरफान अहमद वागय (शोपियां, जम्मू और कश्मीर) शामिल हैं।

NIA की शुरुआती जांच के मुताबिक, इन सभी आरोपियों ने दिल्ली में हुए आतंकवादी हमले की प्लानिंग करने और उसे अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई, जिसके नतीजे में कई बेगुनाह लोगों की मौत हो गई और कई दूसरे गंभीर रूप से घायल हो गए।

10 डॉक्टरों से पूछताछ

एनआईए ने बुधवार को लखनऊ और सहारनपुर में 10 डॉक्टरों से पूछताछ की। इनमें चार डॉक्टरों से लखनऊ और छह डॉक्टरों से सहारनपुर की देवबंद यूनिट ने पूछताछ की गई है।
आदिल और शाहीन को लेकर जाएगी यूनिवर्सिटी

आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल शकील की निशानदेही के बाद अब एनआईए डॉ. आदिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद को भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लेकर जाएगी। जांच में सामने आया है कि आदिल और उमर नबी कई वर्षों से परिचित थे। आदिल कई बार उमर से मिलने के लिए विश्वविद्यालय आया और उसके छात्रावास स्थित फ्लैट में ठहरा। इसी दौरान उसकी पहचान मुजम्मिल शकील और शाहीन सईद से कराई गई।

 

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