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लखनऊ 

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वर्ष 2025 के बाद कराए गए मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण में राज्य में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के परिणामस्वरूप मतदाता सूची में 40.19 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है, जबकि वर्ष 2021 में यह संख्या 12.29 करोड़ थी।

18 वर्ष के 15 लाख युवा शामिल

राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि नए मतदाताओं में लगभग 15 लाख ऐसे युवा शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूर्ण की है। उन्होंने बताया कि 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या अब 1.05 करोड़ तक पहुंच गई है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।

कुल 1.41 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए

निर्वाचन आयुक्त ने जानकारी दी कि पुनरीक्षण के दौरान कुल 1.41 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें वे नाम शामिल हैं जो दोहराव वाले पाए गए, स्थानांतरित हो चुके थे या फिर मृत्यु के कारण अमान्य हो गए थे।

उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण से पूर्व वर्ष 2021 की मतदाता सूची में शामिल सभी 12.29 करोड़ मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया गया था। इसके बाद ईबीएलओ ऐप और गणना प्रपत्रों के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया।
एसवीएन प्रत्येक मतदाता को केवल एक बार

राज प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि एसवीएन प्रत्येक मतदाता को केवल एक बार ही दिया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसका एसवीएन स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया जाएगा और भविष्य में किसी अन्य मतदाता को आवंटित नहीं किया जाएगा। इससे मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित होगी।

मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को

राज प्रताप सिंह ने बताया कि दावे और आपत्तियों के लिए मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को किया जाएगा, जबकि सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 फरवरी को होगा।

 

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