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दीपक फर्नीचर मार्ट पर रातों-रात छापा, अवैध काष्ठ भंडारण उजागर

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध सागौन कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करेली स्थित दीपक फर्नीचर मार्ट से लगभग 90 लाख रुपये मूल्य का सागौन काष्ठ जब्त किया है। यह कार्रवाई वन मंडल नरसिंहपुर की टीम द्वारा मंगलवार देर रात की गई, जिससे लकड़ी माफिया में हड़कंप मच गया।

वन विभाग के अनुसार, लंबे समय से दीपक फर्नीचर मार्ट में सागौन लकड़ी के अवैध भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्त निगरानी और पुख्ता सूचना के आधार पर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 10 घन मीटर अवैध सागौन काष्ठ बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई है।

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रेकी के बाद बनाई रणनीति, दुकान सील

वन मंडल अधिकारी कल्पना तिवारी ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पहले रेकी कराई गई। इसके बाद वन संरक्षक संध्या के साथ मिलकर पूरी रणनीति तैयार की गई।
एसडीओ विकास शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मंगलवार देर रात दीपक फर्नीचर मार्ट, करेली पर छापा मारा। जांच में अवैध सागौन काष्ठ पाए जाने पर वन अपराध प्रकरण (POR) दर्ज कर फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया।

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एम्बुलेंस 108 से सागौन की तस्करी

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नरसिंहपुर क्षेत्र में सागौन की अवैध ढुलाई के लिए 108 एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जा रहा था।
ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप के तहत 23 जनवरी को सिलवानी–बरहटा मार्ग पर संदेह के आधार पर 108 एम्बुलेंस (जननी वाहन) क्रमांक CG 04-NZ 5976 को रोका गया। जांच में मरीज की जगह सागौन वनोपज के 10 नग पाए गए।

वन विभाग की टीम ने मौके से सुमित चौधरी निवासी बरहटा सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 32526/07 दर्ज किया गया है।

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मैदान में सख्ती, माफिया पर शिकंजा

इस पूरी कार्रवाई में डिप्टी रेंजर डीपी मेहरा, बीट प्रभारी विवेक पटेल, गौरतला, खापा के सचिन पाठक, अंधियारी की मोना डेहरिया सहित सुरक्षा श्रमिकों की सक्रिय भूमिका रही।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई, भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसे ठिकानों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस कार्रवाई को अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।