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नई दिल्ली
8वें वेतन आयोग के गठन के बाद लाखों केंद्रीय पेंशनभोगियों के मन में उपजी चिंताओं पर सरकार ने विराम लगा दिया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर, 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नए वेतन आयोग के लाभों के दायरे में रखा जाएगा।

वित्त मंत्रालय ने संसद में किया साफ
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के लाभार्थियों को लेकर चल रहे संशय को दूर कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने संसद में साफ किया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन लाखों पेंशनभोगियों के लिए भी होंगी जो 31 दिसंबर, 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं।

लोकसभा में सरकार का स्पष्टीकरण
पेंशन नियमों में बदलाव और पुराने बनाम नए पेंशनभोगियों के बीच संभावित भेदभाव की खबरों के बीच वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में स्थिति साफ की। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि 8वें वेतन आयोग को विशेष रूप से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन (Pay), भत्ते (Allowances) और पेंशन (Pension) पर अपनी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
 
पेंशनर्स के लिए क्यों था संशय?
दरअसल, 'फाइनेंस एक्ट 2025' द्वारा मौजूदा पेंशन नियमों के वैधीकरण के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या नए रिवीजन का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2026 के बाद रिटायर होंगे। हालांकि, सरकार के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि…

    पेंशन में बदलाव केंद्र सरकार द्वारा जारी 'जनरल ऑर्डर्स' के माध्यम से किया जाता है।
    8th CPC की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद, ये आदेश सभी पात्र पेंशनभोगियों पर लागू होंगे।
    यह प्रक्रिया सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ (पेंशन) रूल्स, 2021 के तहत संचालित होती है।

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