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संग्रामपुर.

काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता बस उसे करने के लिए जज्बा होना चाहिए। यह कर दिखाया है वरवां पंचायत के शिव राम ने। महज दो सुअर से पालन से कार्य शुरू कर तीन सालो में मजबूती के साथ आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है।
प्रखंड के वरवा पंचायत के शिव राम ने वर्ष 2024 में महज दो सुअर के बच्चों को खरीद फार्मिग शुरू की। वर्तमान में प्रति वर्ष वह कम से कम 3 से 4 दर्जन सुअर के बच्चे बेचकर 3 लाख की आय का सृजन कर रहे हैं।

18 हजार से शुरू किया था बिजनेस 
शिव बताते हैं कि शुरुआती दौर में वे 18 हजार की राशि एकत्रित करके पिपरा कोठी पिंग फार्म से एक नर और एक मादा सुअर का बच्चा खरीदा। इसके लिए दो कमरे का निर्माण कर उसको पालना शुरू किया। लगभग आठ माह के बाद मादा सुअर ने एक बार मे सात बच्चे दिए, फिर उनके द्वारा एक और कमरा निर्माण करवा कर उसमें पालने का काम शुरू किया। जब सात बच्चे एक क्विंटल से लेकर 80 किलो का वजन हुआ, तो उसको बेच कर फिर अपना काम आगे बढ़ाया।

उन्होंने बताया कि 7 सुअर के बच्चों को दाना खिलाना शुरू किया। 6 माह में सुअर के बच्चों का वजन लगभग अस्सी से नब्बे किलो हुआ। इसमें लगभग 70 हजार का दाना खिलाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके पास 11 सुअर हैं, जिसमें तीन नर और चार मादा हैं, जो हर 6 माह पर एक मादा सुअर कम से पांच से छह बच्चे देती है। इस आय से उनका घर परिवार चलता है।

सरकार से नहीं मिल रहा सपोर्ट
शिव बताते हैं कि इसको बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए कई बार बैंक से ऋण के लिए संपर्क किया, लेकिन लगभग एक साल बैंक में आना जाना लगा रहा, लेकिन ऋण के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला। इनका दर्द हैं कि एक तरफ सरकार सुअर पालन को लेकर योजना चल रही हैं। वहीं, जो व्यक्ति इसको धरातल पर उतारने का प्रयास करता है, उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।

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