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लखनऊ

उत्तर प्रदेश के IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने यह इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था कि उनको लंबे समय से पोस्टिंग नहीं दी जा रही है. नहीं कोई काम दिया जा रहा है. वो उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध है. उनके पास न कोई काम और न ही गरिमापूर्ण कार्य आवंटन. अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” चल रहा है. इन सबके बाद अब IAS अफ़सर रिंकू सिंह राही ने अपना इस्तीफा 20 अप्रैल को वापस ले लिया था. हालांकि, इस्तीफा वापस लेने के 13 दिन बाद भी उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली है.

रिंकू सिंह राही ने कहा, मुझे सिर्फ काम चाहिए. सरकार कहीं भी पोस्टिंग दे दे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे काम न करके सिर्फ वेतन लेना ठीक नहीं लग रहा. सरकार ने रिंकू सिंह राही को राजस्व परिषद में अटैच किया है. परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार हैं. सोर्स के मुताबिक, पिछले दिनों अनिल कुमार ने रिंकू सिंह को कुछ विभागीय काम सौंपे थे. जिन्हें IAS अधिकारी ने पूरा भी कर दिया.

वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं
शाहजहांपुर में SDM रहते हुए कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन किया गया था. राही ने कहा वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं. इसे उन्होंने नैतिक निर्णय बताया था. 2009 में घोटाला उजागर करने पर राही को 7 गोलियां लगी थीं, फिर भी वे बच गए थे. शाहजहांपुर वकीलों के एक प्रदर्शन में उठक बैठक का उनका वीडियो वायरल हुआ था तब सरकार ने उनको अटैच कर दिया था.

वकीलों के सामने की थी उठक-बैठक
रिंकू सिंह शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे. वहां वकीलों से उनका विवाद हुआ था. जिसके बाद सार्वजनिक रूप से उन्होंने उठक-बैठक करके वकीलों से माफी मांगी थी. इसके बाद उन्हें शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था. फिलहाल रिंकू सिंह ने गुपचुप तरीके से अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें नई तैनाती दी जा सकती है.

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