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हिंदू धर्म में हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. इस बार ज्येष्ठ पुरुषोत्तम मास में यह पर्व पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रद्धापूर्वक मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा, भय और शत्रुओं का नाश होता है. साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है.

मासिक दुर्गाष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
    अष्टमी तिथि प्रारंभ: 23 मई 2026, सुबह 05:04 बजे से
    अष्टमी तिथि समाप्त: 24 मई 2026, सुबह 04:27 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत और पूजन 23 मई 2026, शनिवार को ही किया जाएगा. शनिवार के दिन दुर्गाष्टमी पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि शनिवार का संबंध शनि देव से माना जाता है. मान्यता है कि मां दुर्गा की पूजा करने से शनि जनित दोषों से भी राहत मिलती है.

मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि
 पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर मां दुर्गा के सामने व्रत का संकल्प लें.
एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.

मां दुर्गा को कुमकुम, अक्षत, लाल चंदन और लाल चुनरी अर्पित करें. मां को लाल रंग के फूल अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए उन्हें अवश्य चढ़ाएं.
 माता रानी को सुहाग की सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें.
मां के सामने घी का दीपक और धूप जलाएं. इसके बाद दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. फिर मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें.
अंत में कपूर से मां दुर्गा की आरती करें और अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा याचना करें.

 

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