पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित एआई समिट 2026 के उद्घाटन सत्र के दौरान एक ऐसी बात कही कि माहौल हल्का हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मु्स्कुराते हुए ताली बजाने लगे। उन्होंने हरा गमछा रखने वालों का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई से एक बार कह दिया जाए तो तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। हालांकि, सीएम ने सफाई भी दी कि किसी खास व्यक्ति या व्यक्तियों की ओर मेरा इशारा नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता और नेता हरे गमछा का इस्तेमाल करते हैं। अब गमछे का स्थान हरी टोपी ले रही है।
शनिवार को पटना के उर्जा भवन में सूचना प्रवैद्यिकी डिपार्टमेंट(आईटी) की ओर से एआई समिट 2026 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया जबकि विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने होस्ट किया। सीएम ने इस मौके पर बिहार के विकास में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि पटना में करीब चार हजार एआई कैमरे लगे हुए हैं। अगर एक बार एआई से कह दिया जाए कि हरा गमछा वालों को खोजो तो क्या होगा। तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। यह कहते हुए सीएम के चेहरे पर हल्की मुस्कान फूट रही थी। हालांकि, उन्होंने तुरंत सफाई दी और कहा कि मैं किसी की तरफ इशारा नहीं कर रहा।
लगे हाथ मुख्यमंत्री बिहार में अपराधियों की जाति के मसले पर स्वीच कर गए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए किसी अपराधी की कोई जाति नहीं है। हम पूछना चाहते हैं कि पुलिस अब अपराधी की जाति पूछ कर गोली मारेगी क्या? ऐसा करना सही होगा क्या? हमारी पुलिस को पूरी छूट है कि अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करना है। अपराधी चाहे किसी जाति का या धर्म का हो, उसके साथ केवल अपराधियों जैसा व्यवहार करना है। अगर कोई भी आदमी बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ करता है तो उसके लिए कोई जात और धर्म का अड़चन नहीं है। सभी लोग एकदम स्पष्ट रहिए कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना है।
