टेक होम राशन ऑडिट से लेकर लोकायुक्त जांच तक कई स्तरों पर उठ रहे सवाल
गणेश पाण्डेय, भोपाल। प्रदेश के चर्चित पोषण आहार (टेक होम राशन) मामले में लोकायुक्त जांच एक बार फिर सुर्खियों में है। विधानसभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि लोकायुक्त में दर्ज प्रकरण में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी 31 अगस्त को लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थित होंगी। मंत्री के अनुसार पूर्व में विभागीय व्यस्तता के कारण वे निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो सकी थीं। सरकार ने सदन को यह भी बताया कि ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों के आधार पर 73 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें जिला कार्यक्रम अधिकारियों से लेकर संचालनालय स्तर के अधिकारी शामिल हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में भी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
दूसरी ओर कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सरकार के जवाब को अधूरा बताते हुए कहा कि लोकायुक्त के आदेश, कार्रवाई प्रतिवेदन, वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका तथा ललित मोहन बेलवाल की संविदा नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवंबर 2023 से मांगे जा रहे कार्रवाई संबंधी दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। साथ ही 24 अगस्त और 31 अगस्त की तारीखों के अंतर पर भी सवाल उठाए। अब इस मामले में लोकायुक्त की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
73 अधिकारियों पर कार्रवाई
सरकार के अनुसार 73 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें 11 प्रथम श्रेणी जिला कार्यक्रम अधिकारियों के मामलों में शासन स्तर पर कार्रवाई लंबित है। 62 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें 37 अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की गई, 10 प्रकरण समाप्त किए गए, 6 मामलों में जांच पूरी होने के बाद निर्णय लंबित है, 8 मामलों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है तथा 13 मामलों में जांच जारी है।
बेलवाल की नियुक्ति पर सवाल
प्रताप ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित मोहन बेलवाल की संविदा नियुक्ति पर तत्कालीन अपर प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर नियुक्ति की गई। उन्होंने इस मामले में तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस की भूमिका पर भी स्पष्टीकरण मांगा।
तारीखों के अंतर पर विवाद
कांग्रेस का कहना है कि लोकायुक्त ने 24 अगस्त को उपस्थित होने का निर्देश दिया था, जबकि सरकार ने विधानसभा में 31 अगस्त को पेश होने की जानकारी दी। ग्रेवाल ने दोनों तारीखों के अंतर को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
ढाई साल बाद दिया गया स्पष्टीकरण
ग्रेवाल के अनुसार पूर्व विधायक पारस सकलेचा की 26 अगस्त 2023 की शिकायत पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने 6 अप्रैल 2026 को स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने इसे जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
किन अधिकारियों के नाम आए
विपक्ष ने दीपाली रस्तोगी, ललित मोहन बेलवाल, मनोज श्रीवास्तव, इकबाल सिंह बैंस, नेहा मारव्या तथा अशोक शाह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों पर अंतिम स्थिति लोकायुक्त जांच और शासन के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
