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रांची
झारखंड राज्य में मध्याह्न भोजन योजना की राशि के आवंटन के प्रक्रिया में बदलाव होगा. इस संबंध में झारखंड राज्य मध्याह्न भोजन प्राधिकरण द्वारा जल्द दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा. मध्याह्न भोजन की राशि वर्तमान सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के बैंक खाता में भेजा जाता है. राशि की निकासी समिति के अध्यक्ष व संयोजिका द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है. अब नयी व्यवस्था के तहत राशि सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के बैंक खाता में ट्रांसफर नहीं किया जायेगा. अब स्कूलों द्वारा मध्याह्न भोजन के लिए समान क्रय करने के बाद वाउचर कुबेर पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा. इसके बाद संबंधित दुकानदार को राशि का भुगतान किया जायेगा.

चार महीने से नहीं मिली राशि
इधर, स्कूलों को लगभग चार माह से मध्याह्न भोजन को लेकर राशि नहीं मिली है. इस कारण स्कूलों को मध्याह्न भोजन संचालन में परेशानी हो रही है. स्कूलों द्वारा उधार की राशि से एमडीएम का संचालन किया जा रहा है. अप्रैल से कुकिंग कॉस्ट की राशि नहीं दी गयी है. कुकिंग कास्ट की राशि से ही मध्याह्न भोजन की सामग्री की क्रय की जाती है. मध्याह्न भोजन के लिए चावल के अलावा अन्य सामग्री कुकिंग कॉस्ट की राशि से ही क्रय की जाती है. मध्याह्न भोजन का संचालन केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जाता है. मध्याह्न भोजन के लिए 60 फीसदी राशि केंद्र व 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक राशि का आवंटन नहीं हुआ है. प्राप्त जानकारी के अनुसार इस माह अंत की राशि आंवटन की संभावना है.

संघ का दावा- बंद होने के कगार पर एमडीएम
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा है कि राशि नहीं मिलने के कारण स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. दुकानों से उधार समान लेकर बच्चों को खाना खिलाया जा रहा है. उन्होंने कहा है कि स्थिति है शिक्षक या तो अपने पैसे से समान क्रय कर रहे हैं, या फिर दुकानों से उधार सामान लिया जा रहा है. मध्याह्न भोजन बंद होने पर शिक्षक पर ही कार्रवाई की जाती है. उन्होंने जल्द राशि आवंटन की मांग की है.

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