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लखनऊ 

सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ दिनों से समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगातार निशाना साध रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा पोस्ट कर गाजीपुर और अमेठी की दो नृशंस घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए। 

राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण के वंशज नहीं हो सकते, बल्कि कंसवंशी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में सपा के 37 सीटें जीतने के बाद पार्टी के लोग पागल हो गए हैं और पीडीए के नाम पर ढोंग रच रहे हैं, जबकि उनके गुंडे खुलेआम हत्याएं कर रहे हैं। 

गाजीपुर में राजभर समुदाय की 13 वर्षीय आंचल राजभर की संदिग्ध मौत का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि बच्ची की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह सामंती यादवों के खेत में घास काटने चली गई थी. परिवार के अनुसार, आंचल और अन्य लड़कियां घास काटने गई थीं, जहां विवाद हुआ और आरोप है कि स्वामीनाथ यादव व उनके पुत्र सहित कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे आंचल की मौत हो गई. 12 वर्षीय चांदनी राजभर भी बुरी तरह घायल बताई जा रही है. परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन भी किया। 

    सुनिए श्रीमान अखिलेश यादव जी,

    ऐसा लगता है कि आप भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हो ही नहीं सकते, क्योंकि उस वंश का नाश तो गांधारी के श्राप से पहले ही हो चुका है। आप लोग कृष्ण नहीं कंसवंशी हैं!

अमेठी में कश्यप युवक की नृशंस हत्या
अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र में कश्यप समाज के युवक अंकित कश्यप की हत्या का जिक्र करते हुए राजभर ने बताया कि अति पिछड़े वर्ग के इस युवक ने यादव समाज की युवती से प्रेम विवाह कर लिया था. तीन साल बाद पत्नी के परिजनों ने उसे बंधक बनाकर पीटा, आंखें नोंच लीं, गुप्तांग काटे और गला रेतकर हत्या कर दी. पुलिस ने मुख्य आरोपी सुकई यादव सहित कई यादवों को गिरफ्तार किया है. राजभर ने सवाल किया कि प्रेम विवाह पाप है क्या और अखिलेश यादव की जुबान से इस मामले पर एक शब्द क्यों नहीं निकला। 

पीडीए का ढोंग और कंसवंशी आरोप
राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडीए के नाम पर रोज नई नौटंकी रची जा रही है, लेकिन हत्यारे अहिर गुंडे सरेआम सक्रिय हैं. उन्होंने यादव समुदाय को चेतावनी दी कि उनकी दुश्मनी ओमप्रकाश राजभर से है और लखनऊ के 20 गौतमपल्ली में रहते हैं. मासूमों को मारकर वीर बनने वालों को उन्होंने निर्दयी बताया। 

पिछड़े समाजों के एकजुट होने की चेतावनी
राजभर ने कहा कि जिस दिन राजभर, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, मांझी, कश्यप, कहार, प्रजापति, कुम्हार, पाल, गड़रिया समेत दर्जनों पिछड़े और अति पिछड़े समाज उनके खिलाफ मोर्चा खोल देंगे, तब यादव गुंडई 10 मिनट में उतर जाएगी. उन्होंने जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, नमो बुद्धाय और जय महाराजा सुहेलदेव के नारों के साथ पोस्ट समाप्त किया। 

ये घटनाएं यूपी की सियासत में जातीय तनाव बढ़ाने वाली साबित हो रही हैं. पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन राजभर का यह पोस्ट सपा और सुभासपा के बीच तीखे राजनीतिक संघर्ष को और हवा दे रहा है। 

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