वन भवन भोपाल मप्र

वन विभाग में डिप्टी रेंजर से रेंजर पद पर पदोन्नति का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

गणेश पाण्डेय, भोपाल। वन विभाग में डिप्टी रेंजर से रेंजर संवर्ग में पदोन्नति का मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर पहुंच गया है। मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस ने दावा किया है कि 227 डिप्टी रेंजरों की पदोन्नति के आदेश अब तक जारी नहीं हुए हैं, जबकि वन विभाग के अन्य संवर्गों में पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। संगठन ने इसे लेकर 21 अगस्त 2026 को डब्ल्यूपी/34988/2026 के तहत याचिका दायर की है।

संगठन के प्रांताध्यक्ष मुनेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 30 जून 2025 को मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत विभिन्न विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में निर्देश जारी किए थे। इसके बाद वन विभाग में रेंजर से सहायक वन संरक्षक, वनरक्षक से डिप्टी रेंजर और वनपाल से वनरक्षक सहित अन्य संवर्गों में पदोन्नति आदेश जारी किए गए। लेकिन डिप्टी रेंजर से रेंजर पद पर पदोन्नति के आदेश लंबित हैं।

कई कर्मचारी सेवानिवृत्त, संवर्ग में बढ़ी नाराजगी

कर्मचारी कांग्रेस का कहना है कि पदोन्नति आदेश जारी होने में देरी के कारण डिप्टी रेंजर संवर्ग के कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि पदोन्नति प्रक्रिया में देरी से पात्र कर्मचारियों को उनके सेवा काल में पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संगठन ने इस मामले को लेकर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी जल्द आदेश जारी करने की मांग की है।

संगठन के मुताबिक, इससे पहले याचिका क्रमांक 5014/2025 में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाहक पदोन्नति के आदेश जारी किए गए थे। कर्मचारी कांग्रेस का दावा है कि वर्ष 2025 के पदोन्नति नियम लागू होने के बाद भी उप वनक्षेत्रपाल संवर्ग की पदोन्नति में देरी बनी हुई है।

24 अगस्त के कार्यक्रम से संवर्ग के बाहर रहने का दावा

मामले में संगठन ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के 18 अगस्त 2026 के पत्र क्रमांक 4337 का भी हवाला दिया है। इसके अनुसार मुख्यमंत्री के माध्यम से 24 अगस्त को भोपाल में पदोन्नत शासकीय सेवकों के आभार प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। संगठन का कहना है कि कार्यक्रम में 510 पदोन्नत कर्मचारियों को बुलाया गया है, लेकिन डिप्टी रेंजर से रेंजर पद पर पदोन्नति आदेश जारी नहीं होने के कारण यह संवर्ग इसमें शामिल नहीं हो पाएगा।

मुनेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार संगठन ने प्रमुख सचिव, वन विभाग और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर पदोन्नति आदेश जारी करने का आग्रह किया था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा है।

डीपीसी का प्रस्ताव शासन को भेजा

“डिप्टी रेंजर से रेंजर पद के लिए डीपीसी की बैठक हो चुकी है और पदोन्नति का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।”

शुभ रंजन सेन, वन बल प्रमुख, मध्यप्रदेश

अब शासन के फैसले पर नजर

मामले में अब हाईकोर्ट की सुनवाई और शासन स्तर पर पदोन्नति प्रस्ताव पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। कर्मचारी कांग्रेस की याचिका में उठाए गए मुद्दों पर न्यायालय का रुख और शासन की ओर से लंबित पदोन्नति आदेश जारी करने की कार्रवाई आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। वहीं वन बल प्रमुख के अनुसार विभागीय स्तर पर डीपीसी की प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसलिए अब 227 डिप्टी रेंजरों की पदोन्नति पर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होना है।