राजीव गांधी के नाम और योगदान को लेकर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला
गणेश पाण्डेय, भोपाल। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने और विश्वविद्यालय से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के राज्य सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित कदम बताते हुए कहा कि केवल नाम बदल देने से इतिहास के पन्नों और जनता के दिलों से राजीव गांधी का योगदान नहीं मिटाया जा सकता।
अजय सिंह ने कहा कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने का प्रपंच रचा, ताकि संस्थान से राजीव गांधी का नाम हटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत के आधुनिक विकास में राजीव गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कंप्यूटर और आधुनिक प्रौद्योगिकी को देश में बढ़ावा देने तथा भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत करने में उनकी अहम भूमिका थी। अजय सिंह के मुताबिक, इसी तकनीकी दृष्टि और दूरदृष्टि ने आगे चलकर भारत को वैश्विक आईटी शक्ति के रूप में स्थापित करने की नींव मजबूत की।
अजय सिंह ने भाजपा सरकार पर नाम बदलने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम हटाने जैसे फैसलों से जनता का ध्यान भटकाना चाहिए।

