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सीधी में वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई, थार से तेंदुए की खाल बरामद

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में वन्यजीव तस्करी के एक कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सफेद रंग की महिंद्रा थार से तेंदुए की खाल बरामद कर गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद जब्त खाल, वाहन और गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।

सूचना के बाद सफेद थार पर नजर

DRI को इनपुट मिला था कि मध्यप्रदेश नंबर की सफेद महिंद्रा थार में दो संदिग्ध तेंदुए की खाल लेकर एक तय रूट से निकलने वाले हैं। सूचना के आधार पर टीम ने संबंधित मार्ग पर निगरानी बढ़ाई। संदिग्ध वाहन के पहुंचते ही घेराबंदी कर उसे रोका गया और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से तेंदुए की खाल बरामद होने की बात सामने आई।

इसके बाद वाहन में मौजूद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर टीम एक अन्य संदिग्ध तक पहुंची और उसे भी गिरफ्तार किया गया।

ठिकानों पर एक साथ छापे, चौथा आरोपी भी पकड़ाया

मामला केवल खाल की बरामदगी तक सीमित नहीं रहा। DRI और सीधी वन विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर उनके ठिकानों और घरों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान गिरोह का चौथा सदस्य भी पकड़ा गया।

तलाशी के दौरान वन्यजीवों के अवैध शिकार, तेंदुए की खाल रखने, वन्यजीव अंगों के परिवहन और उनकी संभावित बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद खाल कहां से आई थी और इसे आगे किस नेटवर्क के जरिए खपाया जाना था।

सिर्फ चार लोग या बड़ा नेटवर्क?

चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला सवाल यह है कि क्या पूरा नेटवर्क इन्हीं लोगों तक सीमित है या इसके पीछे शिकारियों से लेकर खरीदारों और अंतरराज्यीय अथवा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक बड़ी कड़ी मौजूद है।

जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी संपर्क, वाहन की आवाजाही और आर्थिक लेन-देन महत्वपूर्ण कड़ियां साबित हो सकते हैं। इनके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि तेंदुए का शिकार कहां हुआ, खाल किसके पास पहुंची और उसे आगे किसे बेचा जाना था।

हालिया समय में मध्यप्रदेश से जुड़े तेंदुए की खाल तस्करी के अन्य मामलों में भी बड़े नेटवर्क की जांच सामने आई है। हालांकि सीधी के इस मामले को किसी दूसरे नेटवर्क से जोड़ने के लिए अलग से आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।

तेंदुआ संरक्षित वन्यजीव

तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित वन्यजीव है। उसके शिकार के साथ-साथ उसकी खाल अथवा अन्य वन्यजीव अंगों को अवैध रूप से रखना, खरीदना-बेचना या उनका परिवहन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

DRI ने जुलाई 2026 में देशभर में चलाए गए कई संयुक्त अभियानों में संरक्षित वन्यजीव और उनके उत्पाद बरामद किए थे। इनमें तेंदुए की खाल भी शामिल थी। उन अभियानों में विभिन्न राज्य वन विभागों, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया था।

संजय टाइगर रिजर्व के आसपास नेटवर्क की आशंका

सीधी का वन क्षेत्र संजय टाइगर रिजर्व के कारण वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे संवेदनशील वन क्षेत्रों में सक्रिय शिकारी वन्यजीवों का शिकार कर उनकी खाल और अन्य अंगों को तस्करी के जरिए बाजार तक पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।

हालांकि सीधी में हुई इस कार्रवाई को सीधे संजय टाइगर रिजर्व से जोड़ने के लिए अभी कोई आधिकारिक तथ्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल संजय क्षेत्र को संभावित संवेदनशील क्षेत्र के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए, न कि इस बरामदगी का निश्चित स्रोत माना जाए।