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सहारनपुर
यूपी के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर में बनी सौ साल पुरानी मस्जिद गिराने का मामला गरमाया हुआ है। सपा, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों ने इसे लेकर मोर्चा खोला हुआ है। इस बीच यूपी के ही मुरादाबाद में अब सरकारी जमीन पर मस्जिद का आरोप लगाते हुए बुलडोजर चलाने की तैयारी कई गई है। दिल्ली रोड स्थित पाकबड़ा थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी सालों पुरानी मस्जिद को लेकर खुद तोड़ने की नोटिस एमडीए ने दी है।

एमडीए सचिव की ओर से मस्जिद के मुतवल्ली को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण को खुद ही हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में इसके लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई है। निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाए जाने पर प्राधिकरण द्वारा बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी। एमडीए की नोटिस से मस्जिद कमेटी में हड़कंप मचा है।

करीब 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया है। एमडीए की ओर से इसे अवैध निर्माण माना गया है। सड़क किनारे मस्जिद के निर्माण से यातायात व्यवस्था भी आए दिन बाधित होती रहती है। कमेटी के लोगों के द्वारा मस्जिद सालों पुरानी बताई जा रही है।

पहले भी की जा चुकी है बुलडोजर कार्रवाई
सरकारी जमीन पर बने अवैध धार्मिक निर्माणों को लेकर प्रशासन पहले भी कार्रवाई कर चुका है। कांठ रोड सिद्ध अस्पताल के पास सड़क किनारे बनाए गए मस्जिदनुमा निर्माण को प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया था। विवाद से बचने के लिए प्रशासन की टीम ने सुबह तड़के बुलडोजर कार्रवाई शुरू की थी। लोगों की नींद खुलने तक अवैध निर्माण का नामोनिशान साफ हो गया था। इसी तरह एमडीए की सेक्टर-10 योजना में पार्क की जमीन पर बनी मीनार के निर्माण को बुलडोजर से हटाकर पार्क की जमीन खाली कराई गई थी। एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की गई है।

सहारनपुर मामले पर आज हाईकोर्ट में दायर होगी याचिका
सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला अब हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। मस्जिद प्रकरण में सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। मस्जिद के मुतवल्ली की ओर से यह अपील दाखिल की जाएगी। याचिका के जरिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती दिए जाने के साथ प्रकरण में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर प्रशासन की ओर से की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद अब मुतवल्ली की ओर से कानूनी रास्ता अपनाया जा रहा है। हाईकोर्ट में दाखिल होने वाली याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े आदेश, प्रक्रिया और अन्य संबंधित बिंदुओं को आधार बनाया जाएगा। मुतवल्ली पक्ष का कहना है मस्जिद से संबंधित दस्तावेज और अभिलेख उनके पास मौजूद हैं। ऐसे में कार्रवाई को लेकर न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा। याचिका दाखिल होने के बाद अदालत की ओर से सुनवाई की तारीख तय की जाएगी। वहीं, पुलिस-प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है।

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