बाइंडिंग वायर में छोड़ा था करंट, मौके से तार व अन्य सामग्री बरामद; दो आरोपी फरार
गणेश पाण्डेय, भोपाल। रातापानी टाइगर रिजर्व के औबेदुल्लागंज क्षेत्र में 28 सितंबर को मृत मिली मादा बाघ की मौत विद्युत करंट लगने से होने की पुष्टि हुई है। वन विभाग के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच के बाद दाहोद निवासी जसमन बारेला और भूरा बारेला को गिरफ्तार किया गया है।
वन विभाग के मुताबिक, मृत बाघ का 29 सितंबर को विधि अनुसार शव परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसका शवदाह किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 26 सितंबर को घटना स्थल पर बाइंडिंग वायर लगाकर उसमें विद्युत करंट छोड़ा था। इसी करंट की चपेट में आने से बाघ की मौत हुई। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना स्थल के पास छिपाकर रखा गया बाइंडिंग वायर और अन्य सामग्री बरामद की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वायर में करंट छोड़ने की बात स्वीकार की है। दोनों आरोपियों को रायसेन न्यायालय में पेश किया गया है। वन विभाग के अनुसार, मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
वन्यजीव सुरक्षा पर फिर सवाल
रातापानी में बाघ की करंट से मौत का यह मामला वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती को सामने लाता है। खेतों और जंगल की सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध रूप से करंट छोड़ना वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो रहा है। अब जांच का अहम बिंदु यह भी होगा कि विद्युत करंट के लिए इस्तेमाल की गई व्यवस्था कहां से और कैसे तैयार की गई तथा फरार आरोपी की भूमिका क्या थी।
जांच में बरामद हुई सामग्री
आरोपियों की निशानदेही पर घटना स्थल के पास छिपाकर रखा गया बाइंडिंग वायर और अन्य सामग्री बरामद की गई है। वन विभाग अब बरामद सामग्री के आधार पर घटना में इस्तेमाल की गई विद्युत व्यवस्था और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रहा है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एक अन्य आरोपी के फरार होने की जानकारी वन विभाग ने दी है। उसकी तलाश के लिए जांच और कार्रवाई जारी है। विभाग घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रहा है।
