नई दिल्ली
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने INDIA गठबंधन की मीटिंग पर निशाना साधते हुए कहा है कि "इंडी गठबंधन राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं है. साथ ही कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी को नेता मानने को तैयार नहीं हैं. उन्होने कहा कि जिसे कांग्रेसी नेता नहीं मान रहे, उसे देश नेता कैसे मानेगा?"
शिवराज ने आरोप लगाते हुए आगे कहा कि "राहुल गांधी की लीडरशिप इंडी गठबंधन को स्वीकार नहीं है, इसलिए सहयोगी बैठक में नहीं आ रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि" राहुल गांधी खुद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कह रहे हैं कि मुझे नेता मानो, मुझ पर विश्वास करो।
INDIA गठबंधन की मीटिंग पर तंज
उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन, बैठक से पहले ही बिखर गया है, DMK बैठक में नहीं आ रही है. अखिलेश यादव कहीं और व्यस्त हैं, "आप" ने पहले ही बैठक में आने से मना कर दिया है. साथ ही उद्धव ठाकरे फिजिकली नहीं, वर्चुअली जुड़ेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन हताशा में है और यह गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंडिया गठबंधन का कोई विजन नहीं है. साथ ही, राहुल गांधी को 50वीं बार लॉन्च करने की तैयारी चल रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगे कहा कि एक के बाद एक चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस जनता से माफी मांगेगी. लेकिन कांग्रेस ने तय कर लिया है कि हम नहीं सुधरेंगे।
शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के हालिया मामले पर बचाव करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि "शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है, अगर वोटर लिस्ट में गलत नाम जुड़ते हैं तो लोकतंत्र ही मर जाएगा. जो जीवित ही नहीं बचा, उसका नाम वोटर लिस्ट से काटने पर विपक्ष को इतनी आपत्ति क्यों है? प्रश्न तो यह है कि "जो देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट में क्यों जुड़ना चाहिए? पवित्र लोकतंत्र के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध होना जरूरी है।
विपक्ष अपनी हार पर बहाने बनाता है
SIR पर विपक्ष की आपत्ति को लेकर शिवराज ने कहा कि "ये लोग मैदान में जीत नहीं पाते हैं, इसलिए हार का ठीकरा प्रधानमंत्री मोदी पर फोड़ते रहते हैं. अगर सब कुछ में धांधली है तो "उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की 37 सीटें कैसे आ गईं?
"अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग चुनाव परिणाम क्यों आते हैं? ये लोग हार जाते हैं तो वोट चोरी का बहाना बनाते हैं. वोट बिल्कुल भी चोरी नहीं हुए है, देश सब कुछ समझता है, इसीलिए जनता ने कांग्रेस को और इनके सहयोगियों को वोट देना बंद कर दिया है।
