लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र, छठ पर्व और विजय दशमी के दृष्टिगत कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में कहा कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नवरात्रि पर प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित किए जाने का निर्देश भी दिया। कहा कि ड्रोन से भी सघन निगरानी की जाए।
मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व पुलिस अधीक्षक फील्ड में भ्रमण करें और गश्त में शामिल हों। अधिकारी लोगों से सीधा संवाद करें। संवेदनशील क्षेत्रों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सतर्कता बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 अक्तूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्तूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्ब्तूबर को महानवमी और 20 अक्तूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कहीं कोई चूक न हो। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी, मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरों के से 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सीएम के निर्देश-
-मिशन शक्ति केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित हो
-महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो
-स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चले
-एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज की जाए
-पीस कमेटियों की बैठकें समय से कर ली जाएं
-पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो
-डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो
-प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार ही रहे
-माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रहे
-शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते व ढीले बिजली तार ठीक किए जाएं
-प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक व नाव का प्रबंध रहे
-विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन मौजूद रहें
-सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे कड़ी नजर रखी जाए
-शिकायतकर्ता को 24 घंटे में संतोषजनक जवाब मिले
-निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में हो
-किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो
-कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगे
-कोई सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे।
