जयपुर
मुख्य सचिव वी. निवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में पीएम ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के संबंध में समन्वय बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत सभी लंबित कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु संचालन एवं बस डिपो में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएं।
मुख्य सचिव ने जयपुर में संचालित सरकारी एवं निजी बसों की संख्या, उनकी कार्यप्रणाली तथा निगरानी व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न बस सेवाओं के बीच समन्वय सुनिश्चित करने तथा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन वाले स्थानों पर ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) को क्रियाशील बनाने ने निर्देश दिए। उन्होंने संचालन की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) निर्धारित करने तथा स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निजी बस संचालकों को इलेक्ट्रिक बसों की ओर स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। साथ ही, पीएम ई-बस सेवा के तहत अब तक यात्रा करने वाले यात्रियों की कुल संख्या, प्रतिदिन औसतन यात्रियों की संख्या तथा यात्री किराये से प्राप्त आय की जानकारी लेकर योजना के संचालन की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जयपुर के टोडी डिपो में बिजली कनेक्शन से संबंधित लंबित कार्य, विभिन्न स्वीकृत स्थानों पर बस डिपो के लिए भूमि की उपलब्धता तथा इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग सुविधाओं के विकास सम्बन्धी विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सम्बंधित विभागों को प्रमुखता से इस दिशा में कार्य करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन ने बताया कि पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के आठ शहरों जयपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, अजमेर, अलवर, जोधपुर, कोटा एवं उदयपुर के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इनमें से अब तक 250 बसों की डिलीवरी की जा चुकी है। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रस्तावित बस डिपो हेतु विभिन्न स्थानों पर आवश्यक भूमि के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जयपुर में संचालित जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) एवं निजी बसों की कार्यप्रणाली और उनकी निगरानी व्यवस्था के संबंध में भी अवगत कराया।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग भवानी सिंह देथा, आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण सिद्धार्थ महाजन, शासन सचिव, स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, शासन सचिव, ऊर्जा विभाग मती आरती डोगरा ,शासन सचिव, वित्त (व्यय) डॉ. टीना सोनी एवं आयुक्त परिवहन विभाग पुरुषोत्तम शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
