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योगी सरकार में महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों का सम्मान, लखनऊ में गोमती तट पर स्थापित हुई प्रतिमा

महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर वाल्मीकि वाटिका में महापौर सुषमा खर्कवाल ने किया प्रतिमा का उद्घाटन

सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और महापुरुषों के सम्मान को मिल रहा बढ़ावा

लखनऊ, 
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों, शिक्षाओं और महान योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में लखनऊ में महत्वपूर्ण पहल की गई। महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव एवं शोभायात्रा आयोजन समिति के तत्वावधान में सोमवार को गोमती तट स्थित वाल्मीकि वाटिका, प्रेरणा स्थल पर भगवान महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापित की गई। महापौर सुषमा खर्कवाल ने फीता काटकर प्रतिमा का विधिवत उद्घाटन किया। 

इस अवसर पर समाज के लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। समिति के अध्यक्ष चौधरी बृजेश पुजारी ने कहा कि प्रतिमा स्थापना वाल्मीकि समाज के लिए गौरवपूर्ण है। 

कार्यक्रम में पार्षद प्रमोद सिंह राजन, निशातगंज वार्ड के पार्षद, नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा समेत समाज के तमाम लोग उपस्थित रहे। संस्था के संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व सदस्य श्याम लाल वाल्मीकि, प्रमोद हंस और दिनेश वाल्मीकि ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

महापुरुषों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महापुरुषों की जयंती और प्रकटोत्सव के आयोजनों के माध्यम से उनकी विरासत को सम्मान देने तथा सामाजिक सद्भाव को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान ऋषि हैं। रामायण की रचना के लिए विख्यात महर्षि वाल्मीकि के विचार आज भी समाज को सत्य, मर्यादा और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देते हैं।

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