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रायपुर
आज छत्तीसगढ़ अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। यह दिन सिर्फ उत्सव नहीं, उस संकल्प की याद है जो 1924 में रायपुर से उठा था और 1 नवंबर 2000 को भारत के 26वें राज्य के रूप में पूरा हुआ। मध्य प्रदेश से अलग होकर बना यह राज्य, जिसके नाम के पीछे 36 किलों की कहानी है, आज अपनी अलग पहचान के साथ खड़ा है।

साय सरकार : जनविश्वास से जनकल्याण तक के दो वर्ष
13 दिसंबर 2023 को विष्णु देव साय के नेतृत्व में बनी सरकार ने अपने दो साल पूरे होने पर 12 दिसंबर को न्यू सर्किट हाउस में रिपोर्ट कार्ड पेश किया। सरकार का दावा है – मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे हुए हैं।

1. महतारी वंदन – महिला सशक्तिकरण की क्रांति
यह योजना साय सरकार की सबसे बड़ी पहचान बनी है।
•  1 मार्च 2024 से शुरू हुई इस योजना में लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे खाते में दिए जा रहे हैं। 
•  अब तक 14,306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि DBT के माध्यम से जारी की जा चुकी है और सितंबर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुईं
•  इसके साथ ही 10.40 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं और आंगनबाड़ी व पोषण के लिए 800 करोड़ + 650 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

1. किसान – अन्नदाता सबसे पहले
•  धान खरीदी: 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, और दो साल का बकाया बोनस 3716 करोड़ रुपये किसानों को दिया गया।

•  खरीफ 2025-26: 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और कृषक उन्नति योजना के तहत 43,723 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे गए।
•  भूमिहीन न्याय: 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता।

1. गरीब कल्याण और सुशासन
•  पीएम आवास: सरकार बनने के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए पीएम आवास योजना को मंजूरी दी गई। अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं।

•  मुफ्त राशन: 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन और चरण पादुका योजना को फिर से शुरू किया गया।
•  नियद नेल्लानार योजना: बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित गांवों तक राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास जैसी 31 योजनाएं पहुंचाने का नया सेतु बनी है।

•  डिजिटल सुशासन: सेवा सेतु के माध्यम से 528 ऑनलाइन जनसेवाएं।

1. नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार और विकास
मुख्यमंत्री ने तीन बड़ी उपलब्धियों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता को पहला बताया है। घोर नक्सल क्षेत्रों में पहली बार बिजली पहुंची है, पुनर्वास नीति से विश्वास बढ़ा है और बस्तर में शांति और विकास के नए अवसर खुले हैं।

1. निवेश और भविष्य का विजन – विकसित छत्तीसगढ़ 2047
•  नई औद्योगिक नीति के तहत 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 1.6 लाख से अधिक रोजगार की संभावना है।
•  47 हजार करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम जारी है।
•  ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय का कहना है – हमने शासन को केवल सिद्धांत नहीं, कार्यशैली बनाया है। पीएम आवास, मनरेगा, ग्राम सड़क योजना जैसे कार्यक्रमों के पारदर्शी क्रियान्वयन ने छत्तीसगढ़ को ग्रामीण प्रगति का राष्ट्रीय मॉडल बनाया है।
26 साल में छत्तीसगढ़ ने ‘छोटा राज्य’ के तमगे से निकलकर ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के स्वाभिमान तक की यात्रा की है। साय सरकार के इन दो वर्षों ने महिला, किसान और गरीब को केंद्र में रखकर उस यात्रा को तेज करने का प्रयास किया है। स्थापना दिवस पर यही संकल्प है – संस्कृति को बचाते हुए विकास करना।

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