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अमेरिका ने सहयोगी देशों पर पारस्परिक शुल्क रोका, दी 90 दिन की मोहलत

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि वे उन देशों पर 90 दिनों तक पारस्परिक शुल्क 10% की कम दर पर लगाएंगे, जिन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का जवाब जवाबी शुल्क से नहीं दिया है। भारत सहित लगभग 75 देशों ने टैरिफ विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की पहल की है, जिसके चलते इन देशों को यह अस्थायी राहत दी गई है।

भारत ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 26% शुल्क का कोई प्रतिशोधात्मक उत्तर नहीं दिया है और अमेरिकी प्रशासन के साथ व्यापार वार्ताएं जारी रखी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने पर चर्चा की।

चीन पर बढ़ा टैरिफ, व्यापार युद्ध और तीखा

इसके उलट चीन पर अमेरिका ने टैरिफ दरें बढ़ाकर 125% कर दी हैं। यह तब हुआ जब चीन ने अमेरिका के टैरिफ वृद्धि के दूसरे चरण—50% अतिरिक्त वृद्धि—का जवाब देते हुए अमेरिका से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाकर टैरिफ को 84% तक पहुंचा दिया। पहले ही चीन पर कुल 104% शुल्क लागू था, और अब यह और कठोर हो गया है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “चीन ने वैश्विक बाजारों के प्रति जो अनादर दिखाया है, उसके चलते हम यह कदम उठा रहे हैं।”

अंतरराष्ट्रीय आलोचना और वैश्विक प्रभाव

ट्रंप के इस फैसले की आलोचना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शुरू हो गई है। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के पूर्व प्रमुख पास्कल लेमी ने इस नीति को “माफिया जैसा व्यवहार” बताया। वहीं, चीनी विशेषज्ञ ली हाईतोंग ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करना, वैश्वीकरण की प्रक्रिया को रोकना और अपने राजनीतिक हितों को साधना है। ली के अनुसार, “ट्रंप प्रशासन इस रणनीति से आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राजनीतिक लाभ लेना चाहता है।”

अमेरिकी बाजार में उथल-पुथल और घरेलू विरोध

टैरिफ नीति से अमेरिका के भीतर भी चिंता बढ़ रही है। वॉल स्ट्रीट के प्रभावशाली निवेशक बिल एकमैन समेत कई आर्थिक विशेषज्ञों ने 90 दिनों के ‘टैरिफ विराम’ की मांग की है। एलन मस्क ने इस नीति की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति के प्रमुख व्यापार सलाहकार पीटर नवारो के साथ खुली बहस की। अमेरिकी कंपनियां अब अनिश्चितता में हैं कि 90 दिनों की मोहलत के बाद क्या होगा और क्या फिर से शुल्कों में बढ़ोतरी की जाएगी।

अभी स्पष्ट नहीं, 10% टैरिफ कैसे लागू होगा

हालांकि ट्रंप ने यह कहा है कि 90 दिन की अवधि के लिए टैरिफ 10% तक सीमित रहेंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या यह दर सभी उत्पादों पर समान रूप से लागू होगी या केवल कुछ वस्तुओं पर ही छूट मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अस्थिर नीति से वैश्विक व्यापार जगत में असमंजस और बढ़ेगा।