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भोपाल

मध्यप्रदेश की ऊर्जा तस्वीर अब बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने शिवपुरी जिले के नरवर तहसील स्थित भीमपुर गांव में देश के एक बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र (nuclear power plant) को हरी झंडी दे दी है। न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) को भेजे गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, 2800 मेगावाट की क्षमता वाला यह संयंत्र मडीखेड़ा डैम के पास स्थापित किया जाएगा, जिसमें 700-700 मेगावाट की चार यूनिट लगाई जाएंगी।

 यह परियोजना न सिर्फ प्रदेश, बल्कि पूरे देश की ऊर्जा ज़रूरतों को नई शक्ति देगी। भीमपुर क्षेत्र में ठंडा मौसम, स्थिर वातावरण और पर्याप्त जलस्रोत जैसे प्राकृतिक संसाधन पहले से ही मौजूद हैं, जिससे इस हाई-टेक प्लांट को पंख मिलेंगे।

मडीखेड़ा का पानी करेगा न्यूक्लियर यूनिट को पॉवरफुल
इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए जरूरी जल आपूर्ति मडीखेड़ा डैम से की जाएगी। इसके लिए 120 एमसीएम वाटर बैराज और 40 एमसीएम बैलेंसिंग रिजर्व वेल की भी योजना तैयार हो चुकी है। जमीन की पहचान और तकनीकी सर्वेक्षण का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।

प्रदेश को मिल रही है पहली न्यूक्लियर पहचान
गौरतलब है कि अभी मध्यप्रदेश में कोई सक्रिय परमाणु संयंत्र नहीं है। लेकिन भीमपुर प्रोजेक्ट के साथ मप्र का नाम अब देश की न्यूक्लियर मैप पर चमकने को तैयार है। केंद्र सरकार की योजना के तहत राज्य के चार जिलों—शिवपुरी, मंडला, देवास और नीमच—में परमाणु परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया में संशय
हालांकि शिवपुरी के कलेक्टर रविन्द्र चौधरी का कहना है कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर चल रहे पत्र की जांच करवाई जा रही है। अगर भोपाल स्तर से कोई पत्र आया हो, तो उसकी जानकारी मुझे फिलहाल नहीं है।”

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