2025 में 23 वन अधिकारी होंगे रिटायर

पीसीसीएफ अजय यादव असंतुष्ट, मीना को सौंपा गया विजिलेंस विभाग का अतिरिक्त दायित्व

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्य प्रदेश के वन विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। विभाग में लंबे समय से विवादों में घिरे भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी मोहन मीना से अनुसंधान विस्तार एवं लोक वानिकी का अतिरिक्त प्रभार छीन लिया गया है। अब उन्हें शिकायत एवं सतर्कता शाखा (विजिलेंस) का नया अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।

यह आदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) प्रशासन-1 विवेक जैन द्वारा जारी किया गया। आदेश के अनुसार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मोहन मीना को तत्काल प्रभाव से अनुसंधान विस्तार एवं लोक वानिकी के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है, और उन्हें अब विजिलेंस शाखा का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है।

एपीसीसीएफ मोहन मीना
एपीसीसीएफ मोहन मीना

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव के बाद वर्तमान में पीसीसीएफ शिकायत एवं सतर्कता शाखा का प्रभार संभाल रहे अजय यादव असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। माना जा रहा है कि मीना को विजिलेंस विभाग सौंपे जाने से विभागीय समन्वय पर असर पड़ सकता है।

गौरतलब है कि मोहन मीना का कार्यकाल पहले से ही विवादों में रहा है। अनुसंधान विस्तार एवं लोक वानिकी के तत्कालीन प्रमुख पुरुषोत्तम धीमान ने हाल ही में वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव को पत्र लिखकर या तो खुद को या मोहन मीना को हटाने की मांग की थी। धीमान ने पत्र में मीना पर कार्य में हस्तक्षेप और मनमानी का आरोप लगाया था।

दिलचस्प बात यह है कि यह प्रशासनिक कार्रवाई ठीक उसी खबर के 48 घंटे के भीतर हुई, जिसमें धीमान की आपत्ति और पत्र का उल्लेख किया गया था। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि विभाग ने गंभीरता से इस विवाद को लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए मीना को उस शाखा से हटाने का फैसला किया।

वन विभाग में इस ताजे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कुछ अधिकारी इसे धीमान की जीत मान रहे हैं तो कुछ इसे विभागीय राजनीति का हिस्सा बता रहे हैं। अब देखना होगा कि विजिलेंस शाखा में मीना की भूमिका किस तरह निभाई जाती है और विभागीय संतुलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।