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डब्लूसीएल के माइनिंग साइट पर 28 लाख पौधे लगाने और 5 वर्षों तक उनकी देखभाल का जिम्मा

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से मुकाबले के बाद मिला टेंडर

गणेश पाण्डेय, भोपाल। वित्तीय तंगी से जूझ रहे मध्यप्रदेश वन विकास निगम को बड़ी सफलता मिली है। निगम को वेस्टर्न कोल्ड फील्ड्स (डब्लूसीएल) से 150 करोड़ रुपए का पौधरोपण प्रोजेक्ट मिला है, जो निगम के लिए एक नई आर्थिक संजीवनी बनकर आया है। इस प्रोजेक्ट के तहत निगम को डब्लूसीएल की माइनिंग साइट्स पर 28 लाख पौधे लगाने और आगामी पांच वर्षों तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है।

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यह प्रोजेक्ट पाने के लिए छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र वन विकास निगम के साथ कड़ा प्रतिस्पर्धा हुआ। टेंडर मिलने के बाद नियमों और शर्तों की जटिलताओं को सुलझाने के लिए निगम के प्रबंध संचालक बीएन अम्बाड़े ने डब्लूसीएल मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से गहन चर्चा की। उनके प्रयासों के चलते यह महत्वपूर्ण अनुबंध संभव हो सका।

निगम के एमडी अम्बाड़े ने जानकारी दी कि वर्तमान दरों के अनुसार यह प्रोजेक्ट 150 करोड़ का है, लेकिन वित्तीय वर्ष 2029 से 2031 तक इसकी लागत बढ़कर 175 करोड़ तक पहुंच सकती है। इस प्रोजेक्ट में निगम को कुल लागत का 25 प्रतिशत प्रशासनिक मद के रूप में मिलेगा। इसमें क्षेत्रीय महाप्रबंधक आलोक पाठक और डिवीजनल मैनेजर की भूमिका भी सराहनीय रही।

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चंदन वन तैयार करने की योजना
इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ निगम ने बैतूल जिले के रामपुर भतोड़ी क्षेत्र में 10 हेक्टेयर भूमि पर चंदन का वन तैयार करने का खाका भी तैयार किया है। इस पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च होंगे, और 15 वर्षों में इससे 40 से 42 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है। चंदन की सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इस योजना की जिम्मेदारी भी आरजीएम आलोक पाठक को सौंपी गई है।

स्टाफ की कमी बनी चुनौती
वन विकास निगम फिलहाल कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। एमडी अम्बाड़े ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर वरिष्ठ एसडीओ की पदस्थापना और फील्ड स्टाफ के लिए 150 कर्मचारियों की भर्ती की अनुमति मांगी है। इसके बावजूद निगम अपने कार्यों को कुशलता से संचालित कर रहा है।