20 दिन बाद भी न शिकारी पकड़े गए, न एसडीओ-डीएफओ पर गिरी गाज; कांग्रेस विधायकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
गणेश पाण्डेय, भोपाल। बालाघाट जिले के लालबर्रा रेंज में बाघिन की मौत के 20 दिन बाद भी मामला रहस्य बना हुआ है। न तो शिकारी पकड़ में आए और न ही मुख्य जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हुई। उल्टा, छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर विभाग ने ‘जिम्मेदारी पूरी’ करने का दिखावा किया।
डीएफओ का स्पष्टीकरण और विवाद
दक्षिण बालाघाट डीएफओ अधर गुप्ता के लिखित स्पष्टीकरण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने माना कि घटना की जानकारी उन्हें 2 अगस्त को व्हाट्सऐप से मिली और उन्होंने जांच टीम भेजी, जबकि वनरक्षक ने यह सूचना 25 जुलाई को ही अपने वनपाल को दे दी थी।
इस दौरान, जब घटना की जांच चल रही थी, तब अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एल. कृष्णमूर्ति अन्य अफसरों के साथ सोनवानी सेंचुरी का दौरा कर रहे थे। डीएफओ गुप्ता खुद भी उनके साथ मौजूद थे।
📌 हाइलाइट
“बड़े अफसर बचते रहे, छोटे कर्मचारियों पर गिरी गाज — बाघिन मौत मामले में असली जिम्मेदार कौन?”
छोटों पर कार्रवाई, बड़ों पर मेहरबानी
- एसडीओ बी.आर. सिरसाम के निलंबन का प्रस्ताव मंत्रालय में एक हफ्ते से लंबित।
- वनरक्षक टीकाराम हेनोते और चार चौकीदार तुरंत निलंबित।
- CRPC धारा 197 और IPC धारा 218 के तहत अभियोजन स्वीकृति मांगी गई।
विधायकों की नाराजगी
महिला विधायक अनुभा मुंजारे के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक संजय यूके विक्की पटेल, मधु भगत और शत्रुघ्न असाटी ने राज्य वन मंत्री और वन बल प्रमुख बी.एन. अंबाड़े से मुलाकात कर अधर गुप्ता को हटाने की मांग की।
उन्होंने गुप्ता की पुरानी शहडोल पोस्टिंग के दौरान आए आरोपों का भी हवाला दिया, जिसमें उनके शराब सेवन और फील्ड में सक्रिय न रहने की शिकायतें शामिल थीं।
मुख्यालय की चुप्पी और सवाल
पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) शुभ रंजन सेन ने 20 दिन बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बांधवगढ़ में हाथियों की मौत पर जिस तरह तत्कालीन वाइल्डलाइफ पीसीसीएफ को हटाया गया था, उसी तरह बालाघाट मामले में भी त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
तथ्य-जांच (Fact-Check)
| बिंदु | स्थिति |
|---|---|
| घटना की तारीख | 25 जुलाई 2025 |
| जानकारी डीएफओ को मिली | 2 अगस्त 2025 (दावा) |
| जांच की प्रगति | कोई ठोस सुराग नहीं |
| कार्रवाई | छोटे कर्मचारी निलंबित, बड़े अफसर सुरक्षित |
| विधायकों की मांग | डीएफओ अधर गुप्ता को हटाना |
