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मुख्यमंत्री ने एसीएस वन को बालाघाट के डीएफओ अधर गुप्ता और पूर्व डीएफओ मीना मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के बांस श्रमिकों को लाभांश राशि का भुगतान न होने पर गंभीर नाराजगी जताई है। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाधान ऑनलाइन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने एसीएस वन अशोक बर्णवाल को निर्देश दिए कि बालाघाट के डीएफओ अधर गुप्ता और पूर्व डीएफओ मीना मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

बालाघाट जिले के झुन्नालाल पनकू ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी कि उन्हें तीन साल से मजदूरी और लाभांश नहीं मिला है। मामले की जांच के बाद पनकू को 1 लाख 2 हजार रुपए का भुगतान किया गया। वहीं खुलासा हुआ कि जिले में ऐसे करीब 380 मजदूरों को 32 लाख रुपए से अधिक का लाभांश अब तक नहीं मिला है।

2020 से अटका हुआ है भुगतान

  • वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में बांस और काष्ठ लाभांश का वितरण नहीं हुआ।
  • उस समय डीएफओ अधर गुप्ता उत्पादन वन मंडल में पदस्थ थे।
  • आरोप है कि उन्होंने लाभांश भुगतान के लिए बाउचर तैयार नहीं किए, जिसके कारण भोपाल से भेजी गई राशि लेप्स हो गई।

बांस उत्पादन क्षेत्र और श्रमिकों की चिंता

बालाघाट जिला बांस उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में श्रमिक बांस की कटाई पर निर्भर हैं। सरकार की ओर से इन श्रमिकों को बांस बिक्री से होने वाली आय में से लाभांश राशि दी जाती है। लेकिन तीन वर्षों से भुगतान रुकने से श्रमिकों में असंतोष पनप रहा है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और श्रमिकों को उनका हक समय पर दिलाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।