बैतूल में सवा इंच, रतलाम-छिंदवाड़ा में एक-एक इंच बारिश, सेंधवा घाटी में सड़कें डूबीं
आईबीएन, भोपाल। प्रदेश में मानसून सक्रिय है और शुक्रवार को अलग-अलग जिलों में बारिश के अलग-अलग रूप देखने को मिले। कहीं तेज बारिश से सड़कें पानी में डूब गईं तो कहीं हल्की फुहारों से मौसम खुशनुमा हो गया। बैतूल में सवा इंच, जबकि रतलाम और छिंदवाड़ा में एक-एक इंच पानी दर्ज किया गया।
नर्मदापुरम के पचमढ़ी, शिवपुरी, जबलपुर, छतरपुर के नौगांव, सीधी और बड़वानी सहित कई जिलों में भी हल्की बारिश हुई। राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन तेज बरसात नहीं हुई।
मंदसौर में पिकअप नदी में बहा, एक लापता
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र में चंबल नदी पर बने पुल से एक पिकअप वाहन फिसलकर लटक गया। तेज धारा में वाहन सवार दो लोग बह गए। इनमें से एक व्यक्ति को बचा लिया गया, जबकि दूसरे का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। गोताखोर और बचाव दल उसकी तलाश कर रहे हैं।
सेंधवा घाटी में झरने फूटे, सड़कें डूबीं

बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे (NH-52) के बिजासन घाट पर करीब डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बरसात हुई। भारी बारिश से पहाड़ों से पानी बह निकला और झरने जैसे दृश्य बन गए। घाट सेक्शन में कई जगह सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे यातायात बाधित रहा।
जलाशयों का दबाव बढ़ा
लगातार बारिश से जलाशयों का स्तर बढ़ गया है। खजुराहो में रनगुवां बांध का जलस्तर तय सीमा 764 फीट से ऊपर न जाए, इसके लिए तीन गेट खोले गए। आसपास के क्षेत्रों में पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रदेश में मानसून की स्थिति
इस सीजन में मध्यप्रदेश में औसतन 43.2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 35.8 इंच मानी जाती है। यानी अब तक सामान्य से 7.4 इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश गुना जिले में 65 इंच हुई, जबकि खरगोन सबसे कम बारिश वाले जिलों में रहा जहां मात्र 26.2 इंच पानी गिरा।
24 घंटे का रिपोर्ट कार्ड
पिछले 24 घंटों में 25 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई। बैतूल में सवा इंच, रतलाम और छिंदवाड़ा में एक-एक इंच, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, शिवपुरी, जबलपुर, सीधी और बड़वानी में हल्की बरसात दर्ज हुई। भोपाल सहित कई जिलों में बादल छाए रहे, लेकिन तेज बरसात नहीं हुई।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में तेज बारिश का दौर थमने वाला है। अगले 4 दिनों तक हल्की बरसात का क्रम जारी रहेगा, लेकिन भारी वर्षा की संभावना नहीं है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसून की विदाई से पहले एक और दौर तेज बारिश का आ सकता है।
गुरुवार को प्रदेश में दो ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय थे, जिससे कई जिलों में वर्षा हुई। शुक्रवार को यह सिस्टम कमजोर पड़ने के आसार हैं, जिससे फिलहाल राहत मिल सकती है।
