गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन (नागरिक आपूर्ति निगम) में लंबे समय से पदस्थ दो वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप सामने आए हैं। निगम के सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) आरएम शर्मा और राजू रैकवार के खिलाफ राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की भोपाल इकाई में शिकायत क्रमांक-229 (24) दर्ज की गई है। शिकायत में दोनों अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति और पदोन्नति पाने, विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने और रिश्वतखोरी में लिप्त रहने के आरोप लगाए गए हैं।
जबलपुर के राजाराम गुप्ता ने की शिकायत
शिकायत जबलपुर निवासी राजाराम गुप्ता ने की है, जिन्होंने ईओडब्ल्यू के महानिदेशक को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि आरएम शर्मा और राजू रैकवार ने फर्जी अंकसूचियों और प्रमाणपत्रों के सहारे निगम में अपनी नियुक्ति और प्रमोशन हासिल किए। शिकायत में कहा गया है कि शर्मा मूल रूप से कंप्यूटर प्रोग्रामर के पद पर नियुक्त हुए थे, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर उन्होंने सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) का पद प्राप्त कर लिया और वेतन व भत्तों के रूप में विभाग को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई।
इसी तरह राजू रैकवार पर भी आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर अवैध प्रमोशन पाया और वर्षों से स्थापना शाखा में पदस्थ रहकर विभागीय कामकाज में भारी अनियमितताएं और हेराफेरी की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन दोनों अधिकारियों ने कर्मचारियों के ट्रांसफर, जांच निपटाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई खत्म कराने के नाम पर रिश्वत वसूली की, जिसकी रकम सीधे उनके परिवार के खातों में जमा होती रही।
25 वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ
शिकायत में यह गंभीर बात भी सामने आई है कि दोनों अधिकारी पिछले 25 वर्षों से स्थापना विभाग और कंप्यूटर शाखा में पदस्थ हैं। इस दौरान कंप्यूटर खरीदी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई, जिसकी जानकारी निगम के अंदरूनी स्रोतों से भी मिली है।
ईओडब्ल्यू ने मांगे सभी दस्तावेज
राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने इस मामले में औपचारिक जांच शुरू करते हुए निगम के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों से जुड़े सभी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रकोष्ठ ने विशेष रूप से निम्नलिखित दस्तावेजों की मांग की है —
- आरएम शर्मा और राजू रैकवार की नियुक्ति एवं शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाणपत्र
- दोनों अधिकारियों के पदोन्नति, पदस्थापना और वेतन-भत्तों का पूरा विवरण
- सेवाकाल के दौरान प्राप्त पुरस्कार, दंड, निलंबन या विभागीय कार्रवाई की जानकारी
- संपत्ति पत्रक और पूर्व में हुई या लंबित जांचों का विवरण
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद निगम के भीतर हड़कंप की स्थिति है। बताया जा रहा है कि ईओडब्ल्यू मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े के तौर पर देख रही है, और दस्तावेजों की जांच पूरी होते ही आरोपित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संभावित नेटवर्क और मिलीभगत की भी जांच की जा सकती है।
