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नई दिल्ली 
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एयर कंडीशनर (AC) का सहारा लेते हैं। ऑफिस हो या घर, कई लोग घंटों तक AC के नीचे बैठने की आदत बना चुके हैं। हालांकि ठंडी हवा आराम देती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक AC में रहने से डायबिटीज मरीजों के ब्लड शुगर लेवल पर असर पड़ सकता है।

कैसे बढ़ता है शुगर का स्तर
डॉ. अजीत कुमार, मेडिसिन विभाग, जीटीबी अस्पताल के मुताबिक, AC में लंबे समय तक बैठने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है। जब मेटाबॉलिज़्म स्लो होता है, तो शरीर शुगर को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता और ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसके अलावा, ठंडी जगह में शरीर कम सक्रिय रहता है। लोग ज्यादा चलते-फिरते नहीं हैं और फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। इससे इंसुलिन की संवेदनशीलता घटती है और ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

कैलोरी बर्न भी कम होती है
AC में लगातार रहने से शरीर का थर्मल स्ट्रेस कम हो जाता है। गर्मी में पसीना बहाना शरीर के लिए प्राकृतिक तरीका है कैलोरी बर्न करने और शुगर कंट्रोल में रखने का। AC में बैठने से यह प्रक्रिया रुक जाती है और शुगर शरीर में जमा रह सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह
AC में लंबे समय तक रहने वाले लोग बीच-बीच में बाहर निकलकर हल्की वॉक करें।
नियमित स्ट्रेचिंग करें और पर्याप्त पानी पीएं।
रूम का तापमान बहुत कम न रखें, हल्की ठंडक ही पर्याप्त है।

 

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