जेसीबी से खुदाई में निकले अवशेष, फार्म हाउस मालिक भी शक के घेरे में
गणेश पाण्डेय, भोपाल। जबलपुर वन मंडल के सिहोरा परिक्षेत्र में गंभीर वन्यजीव अपराध का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम घुघरा स्थित निसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (महेंद्र गोयनका का फार्म हाउस) में जेसीबी की खुदाई से तेंदुए और तीन जंगली सुअरों के शव बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई डीएफओ ऋषि मिश्रा के नेतृत्व में की गई। मामले में मैनेजर अनुराग द्विवेदी, जेसीबी ऑपरेटर बृजेश विश्वकर्मा और कर्मचारी मोहित दहिया को गिरफ्तार किया गया है। तीनों पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
करंट लगाकर की गई हत्या, फिर जेसीबी से गाड़ दिए शव
सूत्रों के मुताबिक, फार्म हाउस में करंट लगाकर दो जंगली सुअरों को मारा गया, इसके बाद सबूत छिपाने के लिए शवों को जेसीबी से गड्ढे खोदकर दफना दिया गया। मुखबिर से सूचना मिलने पर विभाग ने छापामार कार्रवाई की, जिसमें पहले तीन सुअरों के अवशेष और बाद में डॉग स्क्वॉड की मदद से तेंदुए का शव मिला।
डीवीआर जला, संदेह हुआ गहरा
घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर घटना के बाद रहस्यमय रूप से जल गया, जिससे यह शक गहराता जा रहा है कि सबूत मिटाने की सुनियोजित कोशिश की गई है।
वन विभाग ने मामले को हाई प्रोफाइल शिकार से जोड़ा है और आशंका जताई है कि फार्म हाउस के मालिक महेंद्र गोयनका की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच में लापरवाही पर डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित
वन विभाग ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने पर डिप्टी रेंजर यादवेंद्र यादव और बीट गार्ड जितेंद्र अग्रवाल को निलंबित कर अन्य परिक्षेत्र में भेज दिया है।
वहीं, डीएफओ ऋषि मिश्रा का कहना है —
“मामले की तह तक जाया जाएगा, चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, अपराध पंजीबद्ध होगा और कार्रवाई की जाएगी।”
वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं निगरानी
इस पूरे मामले की निगरानी वन मंडल अधिकारी ऋषि मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी वन एम.एल. बरकड़े कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आगे की जांच में कई बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
मृत तेंदुए और सुअरों के शवों को वेटरनरी कॉलेज, स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर भेजा गया है, जहां 26 अक्टूबर 2025 को पोस्टमार्टम होगा।

