आईबीएन, नई दिल्ली। देशभर के पेंशनर्स के लिए राहतभरी खबर है। अब उन्हें हर साल जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने के लिए बैंक या डाकघर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। भारतीय डाक विभाग (India Post) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने मिलकर देशभर में डोरस्टेप डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सेवा शुरू की है। इस नई व्यवस्था से करोड़ों पेंशनधारक अपने घर बैठे ही प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे।
सिर्फ एक कॉल पर घर पहुंचेगा पोस्टमैन
इस सेवा के तहत पेंशनर्स को केवल एक फोन कॉल करना होगा, जिसके बाद पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक (GDS) उनके घर पहुंचकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करेगा। इसके लिए पेंशनर को सिर्फ अपना आधार नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) नंबर और मोबाइल नंबर देना होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और इसमें कागज़ों की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह प्रमाण पत्र सीधे संबंधित पेंशन एजेंसी (जैसे बैंक या विभाग) को भेज दिया जाएगा।
सिर्फ 70 रुपए में मिलेगी घर बैठे सुविधा
डाक विभाग ने इस डोरस्टेप सेवा के लिए मात्र 70 रुपए शुल्क निर्धारित किया है। इस शुल्क में पोस्टमैन का घर पर आना, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और डिजिटल प्रमाण पत्र जनरेट करना शामिल है। यह सेवा केंद्रीय, राज्य और ईपीएफओ (EPFO) से पेंशन प्राप्त करने वाले सभी पेंशनर्स के लिए उपलब्ध है।
फिंगरप्रिंट न मिलने पर फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा
कई बार उम्रदराज पेंशनर्स के फिंगरप्रिंट मशीन पर मैच नहीं होते। इसे ध्यान में रखते हुए IPPB ने फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम भी शुरू किया है। इसमें पेंशनर का चेहरा कैमरे के माध्यम से स्कैन किया जाता है और प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जनरेट हो जाता है। यह नई तकनीक कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
भारतीय डाक विभाग ने इस पहल को “डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सर्विस” नाम दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस सुविधा से डिजिटल इंडिया मिशन को भी गति मिलेगी और बुजुर्गों को जीवन प्रमाण पत्र के लिए अब लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
डाक विभाग के अनुसार, पहले कई बुजुर्गों को बैंक शाखाओं में जाकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, जिससे उन्हें शारीरिक परेशानी होती थी। अब वही प्रक्रिया उनके घर पर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।
कैसे कराएं जीवन प्रमाण पत्र जनरेट
- पेंशनर अपने नजदीकी डाकघर या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
- पोस्टमैन/ग्रामीण डाक सेवक घर पर आकर आधार आधारित बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन करेगा।
- कुछ मिनटों में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार होकर पेंशन एजेंसी के पास पहुंच जाएगा।
- पेंशनर को प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी SMS या ईमेल पर भेज दी जाएगी।
देशभर में लाखों पेंशनर्स को फायदा
सरकार के अनुसार, यह सुविधा देश के हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में शुरू कर दी गई है। इस सेवा से 70 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्ग पेंशनर्स को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह कदम जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना देगा।
भारतीय डाक विभाग का कहना है कि आने वाले समय में यह सुविधा मोबाइल ऐप और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम से भी जुड़ी जाएगी, ताकि पेंशनर्स को और अधिक सुविधा मिल सके।
