Panna National Park Safari Row: मुख्यमंत्री को नहीं दिखे टाइगर, अगले ही दिन मंत्रियों को दिखाए—अजय दुबे ने NTCA में की शिकायत
गणेश पाण्डेय, भोपाल। पन्ना नेशनल पार्क में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सफारी के बाद अब टाइगर स्पॉटिंग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ने 8 दिसंबर को अपने परिवार और मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ सफारी की, लेकिन उन्हें सिर्फ एक टाइगर शावक दिखाई दिया, जबकि पार्क में 100 से अधिक टाइगर बताए जाते हैं। टाइगर नहीं दिखने पर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी भी जताई थी।

मंत्रियों की सफारी के लिए रात में कराई गई रेकी, सुबह दिखाए टाइगर
मुख्यमंत्री की सफारी के अगले दिन, यानी 9 दिसंबर, यादव मंत्रिमंडल के सदस्य—
प्रहलाद पटेल, लखन पटेल और वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार—ने पन्ना नेशनल पार्क में सफारी की।
चूँकि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को टाइगर नहीं दिखे थे, इसलिए आरोप है कि पार्क प्रबंधन ने मंत्रियों को खुश करने के लिए रात में टाइगर की रेकी करवाई। इसके बाद सुबह सफारी करवा कर मंत्रियों को टाइगर के दीदार करवाए गए। मंत्री लखन पटेल ने इस सफारी का वीडियो अपने फेसबुक पर पोस्ट किया और इसमें प्रहलाद पटेल को टैग भी किया।

लखन पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा
लखन पटेल ने अपने अनुभव को साझा करते हुए पोस्ट किया—
“मंत्री प्रहलाद पटेल जी के साथ भ्रमण का अनुभव अत्यंत रोमांचक, आकर्षक और आनंददायक रहा। यह मेरे जीवन का पहला जंगल सफारी अनुभव था। प्रकृति की गोद में चीतल, सांभर, शेर एवं अन्य वन्यजीवों को नज़दीक से देखना अत्यंत आनंददायक एवं शिक्षाप्रद था।”
उनका यह वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद सफारी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे।
https://x.com/i/status/1998268194499486163
अजय दुबे ने NTCA को की शिकायत, अवैध घेराबंदी का आरोप
वाइल्ड प्राणी एक्टिविस्ट अजय दुबे ने लखन पटेल की पोस्ट में साझा किए गए वीडियो को आधार बनाकर एनटीसीए (NTCA) के सदस्य सचिव को औपचारिक शिकायत भेजी है।
दुबे ने शिकायत में आरोप लगाया है कि—
- पन्ना टाइगर रिजर्व में जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही के कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और वाइल्ड लाइफ कानूनों का लगातार उल्लंघन हो रहा है।
- पार्क में फील्ड डायरेक्टर का पद रिक्त है, जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में पारित आदेश में टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर की नियुक्ति को अनिवार्य बताया गया है।
- टाइगर दिखाने के उद्देश्य से हाथियों के जरिए एक बाघ, बाघिन और उसके बच्चों की घेराबंदी की गई, जो पूरी तरह अवैधानिक है।
- शिकायत के साथ दुबे ने संबंधित फोटो भी संलग्न किए हैं।
दुबे ने एनटीसीए से मांग की है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
पार्क प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि- जब पन्ना नेशनल पार्क में 100 से अधिक टाइगर मौजूद बताए जाते हैं, तो आखिर मुख्यमंत्री को टाइगर क्यों नहीं दिखे, जबकि उसके अगले ही दिन मंत्रियों को कई टाइगर दिखा दिए गए?
साथ ही, रात में हुई कथित रेकी और टाइगर की लोकेशन को ट्रेस कर अगली सुबह दिखाने की प्रक्रिया को लेकर पार्क प्रबंधन के कामकाज पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
