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गणेश पाण्डेय, भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश वन विभाग की पुस्तक ‘विजन 2047 – रिइमेजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेज फॉर ए क्लाइमेट रेजिलिएंट फ्यूचर’ का औपचारिक विमोचन किया। इस अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रदेश को सतत, सहभागी और जल-आधारित पारिस्थितिकी प्रबंधन में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य इस दस्तावेज में निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विजन दस्तावेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें जैव-विविधता संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, वन्यजीव सुरक्षा और प्रकृति-आधारित आजीविकाओं को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

नदी पुनर्जीवन और जल पारिस्थितिकी पर विशेष फोकस

विजन दस्तावेज में विशेष रूप से नदियों और जलाशयों के पुनर्जीवन को प्रमुख घटक बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी तंत्र की पारिस्थितिक बहाली, कैचमेंट उपचार, संवेदनशील जलीय प्रजातियों का संरक्षण तथा अंतरविभागीय समन्वय के माध्यम से जल-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संसाधनों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए जीवनरेखा है।

सतत वन प्रबंधन और तकनीकी निगरानी

दस्तावेज में सतत वन प्रबंधन, हरित क्षेत्र विस्तार और तकनीकी-सक्षम निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से वन संपदा की सुरक्षा, अवैध कटाई पर नियंत्रण और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। साथ ही समुदाय आधारित वन प्रबंधन को बढ़ावा देकर स्थानीय सहभागिता को मजबूत करने पर बल दिया गया है।

नेट-जीरो और कार्बन प्रतिबद्धताओं के अनुरूप पहल

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. एन. अम्बाड़े ने बताया कि यह विजन दस्तावेज व्यापक परामर्श, क्षेत्रीय सुझावों और भारत की नेट-जीरो तथा कार्बन सिंक प्रतिबद्धताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को वन एवं जल पारिस्थितिकी प्रबंधन में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन संदीप यादव, राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक ए. यू. खान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) विनोद कुमार ठाकुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) शुभरंजन सेन, राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक समिता राजोरिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पुरुषोत्तम धीमान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक मनोज अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक बिंदु शर्मा तथा वन विहार के संचालक विजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विजन 2047’ केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य की पर्यावरणीय दिशा तय करने वाला संकल्प है, जिसे मिशन मोड में लागू किया जाएगा, ताकि मध्यप्रदेश हरित विकास और जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत कर सके।