वन भवन भोपाल

मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद लिया निर्णय, देर से पहुंचने वालों पर सख्ती के संकेत

जिला व क्षेत्रीय कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने उठाया कठोर कदम

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश वन विभाग और म.प्र. राज्य वन विकास निगम ने प्रशासनिक अनुशासन सुदृढ़ करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। 15 फरवरी 2026 से जिला स्तर के सभी कार्यालयों में बायो-मैट्रिक्स मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब अधिकारी-कर्मचारी फिंगर स्कैन के जरिए ही अपनी हाजिरी लगाएंगे।

विभागीय समीक्षा बैठक में पाया गया कि अनेक कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे थे, जिससे फील्ड कार्य और प्रशासनिक निर्णय प्रभावित हो रहे थे। मुख्यमंत्री द्वारा समयबद्ध उपस्थिति पर असंतोष जताए जाने के बाद विभाग ने व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया। आदेश में संबंधित अधिकारियों को सूचना प्रौद्योगिकी शाखा से समन्वय स्थापित कर मशीनों की स्थापना, परीक्षण और सभी कर्मचारियों का फिंगर रजिस्ट्रेशन समयबद्ध रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वन भवन, भोपाल में 1 नवंबर 2025 से यह प्रणाली लागू है और अब इसे सभी जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों तक विस्तारित किया जा रहा है। म.प्र. राज्य वन विकास निगम ने भी पृथक आदेश जारी कर अधीनस्थ इकाइयों में इसी व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

15 फरवरी से मशीन के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य होगी और अनुपालन प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजना होगा। विभागीय सूत्रों का मानना है कि इससे कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, साथ ही फील्ड प्रबंधन और वन संरक्षण संबंधी कार्यों में समयबद्धता आएगी। संकेत हैं कि भविष्य में अन्य विभागों में भी ऐसी तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू की जा सकती है।