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रिटायरमेंट से पहले ‘यारी’ निभा रहे सीसीएफ अजय पांडेय, रेंजर को दी गालियां, धमकी दी सीआर खराब करने की

गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश के शहडोल वनवृत्त में आरक्षित वनभूमि को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। सीसीएफ अजय कुमार पांडेय पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने पुराने परिचित और इथेनॉल व्यवसायी मनोज परिहार को आरक्षित वन क्षेत्र की ज़मीन दिलाने के लिए शहडोल रेंज के रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा पर अनैतिक दबाव डाला। विरोध करने पर रेंजर के साथ घर बुलाकर गाली-गलौज की गई और उनके चरित्र मूल्यांकन (CR) को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। अब मामला तूल पकड़ चुका है और राज्यभर के फॉरेस्ट रेंजर्स लामबंद हो गए हैं।

27 साल पुरानी दोस्ती, जंगल की ज़मीन पर ‘नज़र’

सूत्रों के अनुसार, अजय पांडेय और शहडोल के इथेनॉल कारोबारी मनोज परिहार के बीच करीब 27 साल पुराना संबंध है। यही वजह है कि पांडेय रिटायरमेंट से महज 20 दिन पहले रोहनिया बीट की आरक्षित वन भूमि मनोज परिहार को दिलवाने की कोशिश में लगे हैं। आरोप है कि सीसीएफ नियमों को ताक पर रखकर सीधे-सीधे अपने मातहतों को आदेश देकर रिज़र्व फॉरेस्ट की ज़मीन देने की कोशिश कर रहे हैं।

फारेस्ट व प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट भूमि में बाउंड्रीवाल और खेती का प्रयास

माधुरी परिहार, पत्नी मनोज सिंह परिहार द्वारा पीएफ 748 की सीमा में आने वाले खसरा क्रमांक 106/5 (नया 17/2) रकबा 1.56 हेक्टेयर एवं खसरा क्रमांक 108/2 (नया 7) रकबा 4.047 हेक्टेयर भूमि पर बाउंड्रीवाल निर्माण और खेती करने हेतु आवेदन दिया गया था। 19 मई को डीएफओ के आदेश पर वन व राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन किया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि यह भूमि आरक्षित वन क्षेत्र में आती है और वहाँ मिश्रित प्रजाति के घने वृक्षों का आच्छादन है। वन विभाग के रिकॉर्ड में यहां कभी कोई कृषि कार्य नहीं हुआ है।

गाली-गलौज और बेटे को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी

रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा ने बताया कि सीमांकन के बाद जब उन्होंने भूमि को आरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया, तो सीसीएफ ने उन्हें उनके घर बुलाकर गाली-गलौज की और उनके बीमार बेटे को लेकर भी बेहद अमर्यादित बातें कहीं। इस घटना से रेंजर में भारी आक्रोश है।

शहडोल में कमिश्नर को सौंपा गया ज्ञापन

रेंजर्स एसोसिएशन ने इस घटना को लेकर शहडोल संभाग के कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सीसीएफ अजय पांडेय के दुर्व्यवहार और अनैतिक दबाव की शिकायत की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि पांडेय जी से मनोज परिहार के पुराने संबंध हैं और रिटायरमेंट से पहले उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए वनभूमि दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

भोपाल तक गूंजा मामला, स्टेट फॉरेस्ट रेंजर्स संगठन हुआ सक्रिय

इस मामले की शिकायत जब राज्य फॉरेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन तक पहुंची, तो संगठन ने भोपाल में प्रमुख सचिव (वन), पीसीसीएफ (हॉफ) और पीसीसीएफ (विजिलेंस) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सीसीएफ अजय पांडेय पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन 18 जून को शहडोल में बड़ा आंदोलन करेगा।

क्या कहते हैं संगठन के अध्यक्ष

स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर्स के अध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार ने कहा—

“हमने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। यदि 7 दिन में कोई कार्यवाही नहीं होती है तो मैं स्वयं 18 तारीख को शहडोल पहुंचकर आंदोलन करूंगा।”