बैतूल-भोपाल हाईवे की खस्ताहालत पर बोले केंद्रीय मंत्री- “अब जवाबदेही तय होगी, परफॉर्मेंस ऑडिट जरूरी है”
आईबीएन, भोपाल। मध्यप्रदेश की बैतूल-भोपाल हाईवे की जर्जर हालत ने अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी नाराज़ कर दिया है। गडकरी ने सड़क की खराब क्वालिटी को लेकर अधिकारियों से तीखे सवाल करते हुए कहा कि तुम्हें दिखती नहीं क्या ये सड़क? कॉन्ट्रेक्टर से हफ्ता मिल रहा है क्या? उन्होंने कहा- अगर खराब सड़कों पर हादसों की संख्या बढ़ रही है तो अधिकारी का परफॉर्मेंस ऑडिट करो। देखो उसने कैसा काम किया। जो लापरवाही करे, उसका प्रमोशन रोक दो। गडकरी ने आगे कहा कि अब सिर्फ ठेकेदार नहीं, अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। दस साल की जो डिफेक्ट लायबिलिटी है, उसमें अफसरों की भूमिका तय करनी पड़ेगी। अगर सड़क की गुणवत्ता खराब है तो उसके लिए ठेकेदार के साथ अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने बैतूल-भोपाल हाईवे की स्थिति पर सड़क परिवहन सचिव को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल गडकरी ने यह टिप्पणी औद्योगिक संगठन CII के कार्यक्रम में 28 अक्टूबर को दी थी, जिसका वीडियो शुक्रवार (31 अक्टूबर) को सामने आया। इस वीडियो में वे साफ तौर पर नाराज़ दिखे और बोले कि अब समय आ गया है जब अफसरों की जवाबदेही तय करनी होगी।
बरेठा घाट के दौरे के बाद गुस्से में दिखे मंत्री
दरअसल, 25 अक्टूबर को गडकरी अपने परिवार के साथ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पहुंचे थे। इस दौरान वे बरेठा घाट मार्ग से गुजरे, जो बैतूल-भोपाल हाईवे का हिस्सा है। यहां की सड़क की स्थिति बेहद खराब थी। बारिश के बीच सड़क निर्माण कार्य चलते देख गडकरी ने अफसरों से पूछा कि भरी बारिश में डामरीकरण क्यों किया जा रहा है? ये क्वालिटी कैसी है? किसे धोखा दे रहे हो?” घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने भी गडकरी के काफिले के सामने विरोध प्रदर्शन किया, और सड़क निर्माण में धांधली के आरोप लगाए।
क्वालिटी पर समझौता बर्दाश्त नहीं: गडकरी
केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी दी कि देशभर में सभी सड़क परियोजनाओं का परफॉर्मेंस ऑडिट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी काम में ईमानदार हैं, उन्हें सम्मान मिलेगा। लेकिन जो अधिकारी लापरवाह हैं या ठेकेदारों से ‘सांठगांठ’ में हैं, वे बख्शे नहीं जाएंगे। सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
