कक्षा 7 की गणित की पुस्तक में भारतीय गणितज्ञों का योगदान शामिल
ब्रह्मगुप्त के सूत्रों से सिखाई जा रही है बीजगणित और पूर्णांक की अवधारणाएँ
सिलेबस ने जोड़ा भारतीय गणितज्ञों का योगदान, हटाए औपनिवेशिक संदर्भ
आईबीएन, नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 7 की नई गणित की पुस्तक ‘गणित प्रकाश’ जारी की है। इस बार इस पुस्तक में भारतीय गणितज्ञों के ऐतिहासिक योगदान को विशेष रूप से शामिल किया गया है। पुस्तक में प्राचीन भारतीय विद्वानों जैसे आचार्य ब्रह्मगुप्त के सिद्धांतों और ग्रंथों के माध्यम से गणित के मूलभूत नियमों को सिखाने का प्रयास किया गया है।
संस्कृत ग्रंथों से लिए गए उदाहरण
‘गणित प्रकाश’ के नए संस्करण में गणितीय अवधारणाओं को समझाने के लिए संस्कृत ग्रंथों और श्लोकों का उपयोग किया गया है।
पुस्तक में प्रश्नों और उनके समाधानों के साथ-साथ प्राचीन गणितीय ग्रंथों जैसे ‘ब्राह्मस्फुटसिद्धांत’ का उल्लेख किया गया है — जिसे भारतीय गणित के विकास की आधारशिला माना जाता है।
ब्रह्मगुप्त के नियमों से सिखाया जा रहा है बीजगणित
पुस्तक के अध्याय 8 में “पूर्णांक” (संख्याएँ) पर आधारित पाठ में बताया गया है कि
“सातवीं शताब्दी के गणितज्ञ आचार्य ब्रह्मगुप्त ने ‘ब्राह्मस्फुटसिद्धांत’ में पहली बार धनात्मक (पॉज़िटिव) और ऋणात्मक (नेगेटिव) संख्याओं के गुणा और भाग के नियम बताए थे।”
इसे बीजगणित (अल्जेब्रा) और अंकगणित (अरिथमेटिक) के विकास की दिशा में भारत का एक “महत्वपूर्ण योगदान” बताया गया है।
इसी अध्याय में कहा गया है कि बीजगणितीय समीकरण बनाना और उन्हें हल करना प्राचीन भारत में गणितीय खोज का एक प्रमुख भाग था।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत हुआ बदलाव
एनसीईआरटी ने बताया कि यह संशोधन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप किया गया है। पुरानी कक्षा 7 की गणित की पुस्तक में भारतीय गणितज्ञों का कोई उल्लेख नहीं था। इससे पहले जारी ‘गणित प्रकाश भाग–1’ में भी भारतीय गणित से जुड़े संदर्भ शामिल किए गए थे।
एनसीईआरटी निदेशक का बयान — “सही इतिहास सीखना ज़रूरी”
एक रिपोर्ट के अनुसार, एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा —
“नई पुस्तकों में भारतीय गणितज्ञों को शामिल करने का उद्देश्य छात्रों को सही और संपूर्ण इतिहास सिखाना है, ताकि औपनिवेशिक दृष्टिकोण से विकृत ऐतिहासिक कथाओं से बचा जा सके।”
अन्य विषयों में भी हुए बदलाव
इसी वर्ष एनसीईआरटी ने इतिहास और भूगोल की पाठ्यपुस्तकों में भी संशोधन किया है। नई पुस्तकों से दिल्ली सल्तनत और मुगल साम्राज्य से जुड़े कुछ विषय हटाए गए हैं, जबकि महाकुंभ, मेक इन इंडिया (भारत में निर्माण) और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे सरकारी अभियानों को शामिल किया गया है।
कक्षा 7 की नई गणित की पुस्तक केवल संख्याएँ सिखाने की नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन गणितीय परंपरा से जोड़ने की पहल है। ब्रह्मगुप्त, आर्यभट्ट और भास्कराचार्य जैसे गणितज्ञों के योगदान को बच्चों तक पहुँचाकर गणित और इतिहास दोनों को भारतीय दृष्टिकोण से पढ़ाने का प्रयास किया गया है।
