मंत्री विजय शाह ने अधिकारियों को दिए छात्रावासों में रुकने के निर्देश
गणेश पाण्डेय, भोपाल। मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में छात्रों का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम है, वहां के प्राचार्य और संबंधित शिक्षकों को तत्काल स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और जो शिक्षक अपेक्षित परिणाम नहीं दे रहे, उन्हें उस विद्यालय में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
जनजातीय विभाग के दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंत्री शाह ने अधिकारियों से संवाद करते हुए उन्हें संवेदनशील और प्रेरणादायक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि विभाग को 100 प्रतिशत परिणाम चाहिए, तो अधिकारीगण को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने विभाग को एक परिवार की संज्ञा दी और आयुक्त श्रीमन शुक्ल की कार्यशैली की भी सराहना की।
अधिकारियों को छात्रावासों में रुकने के निर्देश
मंत्री शाह ने आदेश दिया कि जिलों में पदस्थ अधिकारी महीने में कम से कम एक रात छात्रावास में बच्चों के साथ बिताएं। इससे न केवल वहां की व्यवस्थाएं सुधरेंगी, बल्कि बच्चे खुलकर अपनी बात कह सकेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी बच्चों के साथ सोएं, खाएं और उनकी दिनचर्या का अनुभव लें, जिससे वास्तविक समस्याओं को समझा जा सके।
‘यस सर’ की जगह ‘जय हिन्द’ बोलेेंगे बच्चे
विद्यालयों में अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब छात्र उपस्थिति दर्ज कराते समय ‘यस सर’ या ‘यस मैडम’ की जगह ‘जय हिन्द सर’ या ‘जय हिन्द मैडम’ कहेंगे। मंत्री शाह ने इसे राष्ट्रभक्ति से जोड़ते हुए नई पहल बताया।
काम के तनाव से राहत के लिए ‘ट्रायबल मीट’
मंत्री डॉ. शाह ने विभागीय कर्मचारियों के लिए साल में एक बार ‘ट्रायबल मीट’ आयोजित करने की घोषणा की। यह आयोजन शुक्रवार से रविवार तक चलेगा, जिसमें अधिकारी-कर्मचारी अपने परिवार और माता-पिता के साथ शामिल होंगे। इसका उद्देश्य आपसी संवाद और मानसिक तनाव से राहत प्रदान करना है।
यह निर्णय जनजातीय विभाग में एक नई कार्य संस्कृति की ओर संकेत करते हैं, जिसमें जवाबदेही, संवेदनशीलता और सहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है।
